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विधानसभा चुनाव के दौरान पेड न्यूज पर नज़र रखेगी एमसीएमसी

निर्वाचन आयोग के निशा-निर्देशों के अनुसार जिन मामलों में जिला/राज्य स्तरीय समितियों या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पेड समाचार के मामले पर निर्णय लिया जाएगा, उन मामलों को संबंधित मीडिया पर आगामी कार्रवाई के लिए भारतीय प्रेस परिषद् को भेजा जाएगा.
निर्वाचन आयोग के निशा-निर्देशों के अनुसार जिन मामलों में जिला/राज्य स्तरीय समितियों या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पेड समाचार के मामले पर निर्णय लिया जाएगा, उन मामलों को संबंधित मीडिया पर आगामी कार्रवाई के लिए भारतीय प्रेस परिषद् को भेजा जाएगा.

निर्वाचन आयोग के निशा-निर्देशों के अनुसार जिन मामलों में जिला/राज्य स्तरीय समितियों या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पेड समाचार के मामले पर निर्णय लिया जाएगा, उन मामलों को संबंधित मीडिया पर आगामी कार्रवाई के लिए भारतीय प्रेस परिषद् को भेजा जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2017, 10:42 AM IST
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हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेन्द्र राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान मीडिया में पेड न्यूज के तहत् समाचारों के रूप में विज्ञापन व अन्य संबंधित मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं.

इस संबंध में राजनैतिक दलों या चुनावी उम्मीदवारों के विज्ञापनों की समीक्षा, जांच व सत्यापन करने के लिए प्रत्येक जिले में मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुश्रवण समिति (एमसीएमसी) बनाई गई है.

राज्य स्तरीय एमसीएमसी का गठन मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में किया गया है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक, दूरदर्शन केन्द्र शिमला के केन्द्र निदेशक, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक, ऑल इंडिया रेडियो शिमला के सहायक निदेशक (समाचार) को सदस्य तथा सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सदस्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है.



उन्होंने कहा कि पेड समाचारों की जांच तथा विज्ञापनों को प्रमाणीकता प्रदान करने के अतिरिक्त समिति जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत् मीडिया संबंधी संचालन को लागू करने में सहायता करेगी. समिति पेड समाचारों के संदिग्ध मामलों की निगरानी के लिए इलैक्ट्रॉनिक मीडिया, इंटरनेट, केबल तथा मोबाइल नेटवर्क सहित सभी प्रकार के मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों, विज्ञापनों पर किए गए खर्च, प्रकाशक तथा प्रिंटर के नाम व पतों पर नजर रखेगी.
नियमों के उल्लघंन पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय समिति विज्ञापन के प्रमाणीकरण पर जिला तथा सहायक या संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी समितियों की अपीलों पर यह कमेटी निर्णय लेगी. समिति पेड समाचारों के सभी मामलों में जिला एमसीएमसी द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ की अपील पर या स्वयं संज्ञान लेते हुए की जांच करेगी. समिति उम्मीदवारों को नोटिस जारी करने के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश देगी.

राजपूत ने कहा कि जिला व राज्यस्तरीय एमसीएमसी जवाब पर शीघ्र निर्णय लेगी तथा संबंधित उम्मीदवार और दल को अंतिम निर्णय के बारे में जानकारी प्रदान करेगी. यदि नोटिस देने के 48 घण्टों के भीतर जिला एमसीएमसी उम्मीदवार से कोई जवाब प्राप्त नहीं करती है तो एमसीएमसी का निर्णय अन्तिम माना जाएगा.

यदि उम्मीदवार को जिला स्तरीय एमसीएमसी का निर्णय स्वीकार्य नहीं है तो वह निर्णय प्राप्त करने के 48 घंटों के भीतर जिला स्तरीय एमसीएमसी को सूचित कर राज्य स्तरीय एमसीएमसी के समक्ष अपील कर सकता है.

राज्य स्तरीय कमेटी 96 घंटें में लेगी फैसला
राज्य स्तरीय एमसीएमसी अपील के प्राप्त होने के 96 घंटों के भीतर मामलों का निपटारा करेगी. उम्मीदवार को निर्णय से अवगत करवाने के साथ जिला स्तरीय एमसीएमसी को निर्णय की एक प्रति भेजेगी. उम्मीदवार समिति से आदेश प्राप्त करने के 48 घंटों के भीतर भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष राज्य स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय के खिलाफ अपील कर सकता है. निर्वाचन आयोग का निर्णय अन्तिम माना जाएगा.

इसके अतिरिक्त जिन मामलों में जिला स्तर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्तर व आयोग स्तर पर पेड समाचारों पर निर्णय लिया जाएगा, तो इसका सही व्यय संबंधित उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाएगा.

निर्वाचन आयोग के निशा-निर्देशों के अनुसार जिन मामलों में जिला/राज्य स्तरीय समितियों या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पेड समाचार के मामले पर निर्णय लिया जाएगा, उन मामलों को संबंधित मीडिया पर आगामी कार्रवाई के लिए भारतीय प्रेस परिषद् को भेजा जाएगा.
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