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डॉक्टरों के अभाव लाहौल-स्पीति के स्वास्थ्य संस्थानों की हालत दयनीय

ETV Haryana/HP
Updated: December 8, 2017, 2:22 PM IST
डॉक्टरों के अभाव लाहौल-स्पीति के स्वास्थ्य संस्थानों की हालत दयनीय
फोटो- ईटीवी
ETV Haryana/HP
Updated: December 8, 2017, 2:22 PM IST
हिमाचल प्रदेश में  लाहौल-स्पीति जिला प्रदेश का एक मात्र जिला है जो हिमपात के चलते नवंबर-दिसम्बर से मई महीने तक करीब छह माह के लिए शेष दुनिया से कट जाता है. भारी बर्फवारी के चलते लोग अपने घरों के भीतर कैद होने को मजबूर हो जाते हैं. ऐसे में यदि कोई बीमार हो जाए तो  डॉक्टर के अभाव में भगवान ही एक मात्र सहारा बच जाते हैं.

लाहौल-स्पीति जिला प्रदेश में जनसंख्या अनुपात के हिसाब से सबसे बड़ा क्षेत्रफल वाला इलाका होने के कारण गांव एक दूसरे से काफी दूरी पर स्थित हैं. सरकार ने कहने को तो गांव-गांव में डिस्पेंसरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वास्थ्य संस्थान व जिला मुख्यालय केलांग में क्षेत्रिय अस्पताल खोल रखा है करोड़ों रुपए की लागत से बिल्डिंग बनी हुई है लेकिन उपचार व सुविधाओं के नाम सिर्फ रेफर की पर्ची हाथ में थमा दी जाती है.

लाहौल-स्पीति के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों व डॉक्टरों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर तक 422 पदों में से मात्र 217 पद ही भरे गए हैं जबकि 205 पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं.

खंड चिकित्सा अधिकारी के स्वीकृत दोनो पद खाली, विशेषज्ञ डॉक्टर के सात में से मात्र एक पद भरा. चिकित्सा अधिकारी के 16 में से 12 पद खाली हैं.  सीनियर लैब टेक्निशयन के 16 स्वीकृत पदों में से एक भी पोस्ट नहीं है भरा गया है.  (रिपोर्ट- प्रेम लाल )
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