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VIDEO: गोची उत्‍सव : केलांगवासियों ने इष्‍ट देवता से की दुनिया में सुख-शांति की कामना

साढ़े तीन फीट की ताजा बर्फबारी में झूमते कबाइलियों ने सम्पूर्ण विधि-विधान व परम्परागत वेशभूषा में ग्राम देवता केलिंग बजीर व युल्ला से पूरे जगत की सुख-शांति, नवजात शिशुओं की लम्बी आयु की कामना के साथ हुआ गोची उत्सव का आयोजन किया.

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हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्‍पीति जिले के मुख्‍यालय केलांग में अपने देवता के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने वाला अनोखा उत्सव मनाया गया. इस दौरान साढ़े तीन फीट की ताजा बर्फबारी में झूमते कबाइलियों ने सम्पूर्ण विधि-विधान व परम्परागत वेशभूषा में ग्राम देवता केलिंग बजीर व युल्ला से पूरे जगत की सुख-शांति, नवजात शिशुओं की लम्बी आयु की कामना के साथ हुआ गोची उत्सव का आयोजन किया.

यूं तो समूची लाहौल घाटी में अपने इष्ट देवता को मनाने का तरीका अलग-अलग होता है, लेकिन जिला मुख्यालय केलांग में आयोजित होने वाले गोची उत्सव का अपना ही महत्व है. रंग-बिरंगी पोशकों से सुसज्जित पुरुष और परंपरागत आभूषणों से अलंकृत महिलाएं जब देवता के पेड़ के नीचे धीरे-धीरे आते हैं, तो नजारा देखते ही बनता है. जुलूस की शक्ल में आने वाले पुरुष खास किस्म के बर्तन में शिवलिंग जैसे आकार को लेकर देवता के देवदार के पेड़ के नीचे आते हैं तथा अश्लील फब्तियां कसते हुए आगे बढ़ते हैं. सबसे आगे नगाड़ा वादक तथा उसके पीछे पुरुष परम्परागत वेशभूषा में मशाल लिए हुए धीरे-धीरे चलते हैं.

इस गोची उत्सव में ग्राम देवता के पुजारी तथा पूजाघर का भी विशेष व अहम स्थान रहता है. इस घर में रातभर देववाणी ग्रेक्स का गायन किया जाता है. इसका गायन अनिवार्य माना जाता है. देवता के पेड़ के नीचे परंपरागत रस्म निभाने के बाद नाच-गाने का आयोजन किया जाता है, जिसमें जलूस में शामिल समस्त पुरुष विशेष छेणी नृत्य में शामिल होते हैं, जिसमें नगाड़ा वादक जोर-जोर से नगाड़ा बजाता है, जिसकी थाप पर मशाल के चारों ओर दैव नृत्य चलता है.



काबिलेगौर है कि इन दिनों घाटी में तीन से साढ़े तीन फीट तक ताजा बर्फबारी हो चुकी है. चारों ओर बर्फ की मोटी सफेद चादर बिछ चुकी है. तिनन, सिस्सू, पट्टन व तोद घाटी से मुख्यालय केलांग आने वाले तमाम सड़क मार्ग अवरुद्ध हो चुके हैं. बिजली, दूरसंचार, इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक सुविधाओं से वंचित लोग अपने इष्ट देवता से समस्त सृष्टि की सुख-शांति की कामना करने तथा सालभर के दौरान पैदा हुए बच्चों की लम्बी आयु की कामना करने में कोई कोताही केलांगवासी नहीं चाहते है. इसी के चलते कबाइली केलांगवासी हर्षोल्लास के साथ गोची उत्सव मना रहे हैं.
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