VIDEO: जब लाहौल घाटी में घर की बालकनी में दुर्लभ प्राणी हिमालयन Ibex ने दी दस्तक

लाहौल घाटी के घर में आईबैक्स ने दी दस्तक.

लाहौल घाटी के घर में आईबैक्स ने दी दस्तक.

Ibex in Lahaul Spiti: दुनिया में केवल 6 हजार संख्या वाले विलुप्तप्राय हिमालयन आईबैक्स की संख्या अब हिमाचल के कबाईली क्षेत्र लाहौल-स्पीति में धीरे-धीरे बढ़ने लगी है.

  • Share this:
केलांग. हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति (Lahaul Spiti) में मौजूदा समय में भारी हिमपात (Snowfall) के बाद अब जगंली जानवर नीचले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं. घाटी में कस्तूरी मृग (Dusk Deer) के बाद अब लाहौल (Lahaul Spiti) की चंद्रा घाटी के गांव दालंग में एक घर की बालकनी में आईबैक्स (Ibex) ने दस्तक दी. अंगरूप नाम के शख्स के घर में यह आईबैक्स पहुंचा और काफी देर तक मौके पर रहा.

दरअसल, सर्दियों में बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले स्थानों पर आईबैक्स को खाने के लिए कुछ मिल नहीं पाता है और ये बेजुबान निचले इलाकों का रुख करते हैं. यह पहला ऐसा मामला है, जब कोई आईबैक्स (Ibex) किसी के घर तक पहुंचा हो.

दरअसल, आईबैक्स समुद्र तल से दस हजार फीट की ऊंचाई पर पाए जाने वाले दुर्लभ वन्य जीव है. लाहौल घाटी में यूं तो दुर्लभ वन्य प्राणियों में बर्फानी तेंदुआ, घोरल, आईबैक्स, काला एवं भूरा भालू, हिमालयन रेड फोक्स और लिंक्स, हिमालयन थार, कस्तूरी मृग सहित कई प्राणी पाए जाते हैं, लेकिन शिकारियों की वजह से आईबैक्सा की संख्या काफी कम हो रही है.

Youtube Video

दुनिया में केवह छह हजार ही

दुनिया में केवल 6 हजार संख्या वाले विलुप्तप्राय हिमालयन आईबैक्स की संख्या अब हिमाचल के कबाईली क्षेत्र लाहौल-स्पीति में धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. इस दुर्लभ प्राणी को बचाने के लिए लाहौल-स्पीति की कई पंचायतों ने कड़े कदम उठाए हैं. आईबैक्स का शिकार करता हुए यदि कोई व्यक्ति पकड़ा जाता है तो पंचायत की ओर से उस व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. आईबैक्स के सरंक्षण के लिए लाहौल और स्पीति के कई महिला मंडल भी आगे आए हैं. वन विभाग के रिकार्ड में पिछले 7 सालों में एक आईबैक्स के शिकार का एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज