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Khamingar Glacier Rescue: 18 हजार फीट ऊंचाई से 27 किमी पैदल चल दो शवों को काजा लाई रेस्क्यू टीम

Khamingar Glacier Rescue: 18 हजार फीट ऊंचाई से 27 किमी पैदल चल दो शवों को काजा लाई रेस्क्यू टीम

खमींगर ग्लेशियर से आईटीबीपी के जवानों ने दो शवों को निकाला है.

खमींगर ग्लेशियर से आईटीबीपी के जवानों ने दो शवों को निकाला है.

Khamingar Glacier Rescue:जानकारी के मुताबिक, 15 सिंतबर को बातल से 18 सदस्यीय दल रवाना हुआ है. इसमें 6 सदस्य, एक शेरपा और 11 पोटर थे. इनका ट्रेक बातल, बड़ा ग्लेशियर, खंमीगर ग्लेशियर यहीं से यूटर्न के साथ मनीकर्ण पहुंचना था. खंमीगर ग्लेशियर पहुंचने तक यह सात जगह रुके थे. बर्फबारी के कारण इन्होंने अपना आगे का सफर जारी नहीं रखा था.

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  • News18Hindi
  • Last Updated :

    काजा (लाहौल स्पीति). हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के खमींगर ग्लेशियर पर फंसे हुए सभी 16 ट्रैकर्स और दो शवों को वहां से रेस्क्यू कर लिया गया है. आईटीबीपी जवान और अन्य लोगों की रेस्क्यू टीम ने खमींगर ग्लेशियर पर फंसे 4 पोर्टर और दो शवों को निकाल लिया है और शवों को काजा प्रशासन को सौंपा गया है.

    आईटीबीपी के अनुसार, 17 बटालियन के जवानों ने दो शवों को 27 किमी की पैदल यात्रा के बाद काजा लाया है. 18 हजार फीट के ऊंचाई पर ये सभी लोग फंसे हुए थे. इससे पहले, बुधवार को 16 लोग काजा पहुंच गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में ले जाया गया था. ये ट्रैकर्स बंगाल के रहने वाले थे.

    क्या है मामला
    जानकारी के मुताबिक, 15 सिंतबर को बातल से 18 सदस्यीय दल रवाना हुआ है. इसमें 6 सदस्य, एक शेरपा और 11 पोटर थे. इनका ट्रेक बातल, बड़ा ग्लेशियर, खंमीगर ग्लेशियर यहीं से यूटर्न के साथ मनीकर्ण पहुंचना था. खंमीगर ग्लेशियर पहुंचने तक यह सात जगह रुके थे. बर्फबारी के कारण इन्होंने अपना आगे का सफर जारी नहीं रखा था. 24 सिंतबर जैसे ही 8वें प्वाइंट पर पहुंचे तो सदस्य संदीप ठाकुराता और भास्कदेव मुखोप्धाय पीछे रह गए थे.

    18 हजार फीट के ऊंचाई पर ये सभी लोग फंसे हुए थे. इससे पहले गुरुवार को 16 लोग काजा पहुंच गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में ले जाया गया था.

    ये दोनो सदस्य टेंट तक पहुंच ही नहीं पाये तो शेरपा व एक अन्य पोटर पीछे गए और जिस स्थान पर दोनों रूके हुए थे. वहीं पर टेंट लगा दिया और उन्हें स्लीपिंग बैग के साथ टेंट में ठहरा कर वापिस आगे आ गए. बाद में उनकी मौत हो गई थी.

    17 बटालियन के जवानों ने दो शवों को 27 किमी की पैदल यात्रा के बाद काजा लाया है.

    डीसी ने जताया आभार
    जिलाधीश नीरज कुमार ने बताया कि काजा पहुंचने पर दल के सदस्यों को प्राथमिक उपचार दिया गया है. इनमें से दो सदस्यों को फ्रास्ट बाईट हुआ था. सभी सदस्य स्वस्थ हैं. मैं रेस्क्यू दल में आईटीबीपी, डोगरा स्काउट और पोटर का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस रेस्क्यू आपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके साथ ही स्पिति प्रशासन के एडीएम और उनकी टीम ने समन्वय में काफी भूमिका निभाई है.

    Tags: Himachal news, Snowfall

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