फसल तैयार देखकर किसानों के चेहरे खिले पर लुटने की आशंका से चिंता भी बढ़ी

लाहौल घाटी में सालाना एक बार पैदा होने वाले मटर और गोभी की नई फसल एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी. वहीं किसानों को ठेकेदारों से ठगे जाने का डर सता रहा है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 8, 2019, 1:45 PM IST
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Updated: July 8, 2019, 1:45 PM IST
हिमाचल की लाहौल घाटी के किसानों की धड़कने तेज हो गई हैं. उनकी मेहनत रंग लाने वाली है. यहां साल में एक बार पैदा होने वाले मटर और गोभी की नई फसल एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी. किसान मटर और गोभी मंडी में ले जाकर बेचकर उससे आर्थिक लाभ उठा पाएंगे. किसानों को अपने कृषि उत्पादों से काफी उम्मीदें है लेकिन साथ ही एक बात उन्हें खाए जा रही है कि घाटी में सब्जी मंडी की बार बार घोषणा होती रही है, लेकिन अभी तक तयशुदा स्थान पर सब्जी मंडी शुरू हो नहीं हो पाई है.

ठेकेदार किसानों को लाखों रुपये का चूना लगा कर फुर्र हो जाते हैं

इस इलाके के किसानों का कहना है कि लाहौल घाटी के भीतर सब्जी मंडी बनाने की बात लंबे समय से चली आ रही है, मगर हकीकत में कोई भी राजनीतिक पार्टी सब्जी मंडी को मूर्त देने में सफल नहीं हो पाई है. इसके चलते झोलाछाप ठेकेदार लाहौल घाटी में आकर किसानों और बागवानों को लाखों रुपये का चूना लगा कर फुर्र हो जाते हैं. इसके बाद किसानों के पास माथा पीटने के अलावा कोई चारा नहीं बच जाता है. यहां पहुंचकर किसानों से सब्जी उठाने वाले ठेकेदारों का ना ही रजिस्ट्रेशन होता है और ना ही शासन, प्रशासन और पंचायत में इन लोगों को किसी प्रकार का रिकॉर्ड पंजीकरण दर्ज करवाना होता है.

कृषि मंत्री डॉक्टर रामलाल मारकंडा से मंडी बनाने की अपील

घाटी के किसानों ने स्थानीय विधायक एवं प्रदेश में कृषि मंत्री डॉक्टर रामलाल मारकंडा से इस दिशा में ठोस पहल कर शीध्र सब्जी मंडी की स्थापना करने तथा घाटी के भोले भाले किसानों को बिचौलियों व ठेकेदारों से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई है.

(केलांग से प्रेम लाल की रिपोर्ट)

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First published: July 8, 2019, 1:45 PM IST
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