हिमाचल प्रदेश: लॉक डाउन से फूल की खेती करने वाले किसानों को 2 सौ करोड़ का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में फूलों की खेती करने वाले हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. प्रदेश में किसानों को 2 सौ करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है.

हिमाचल प्रदेश में फूलों की खेती करने वाले हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. प्रदेश में किसानों को 2 सौ करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है.

हिमाचल प्रदेश में फूलों की खेती करने वाले हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. प्रदेश में किसानों को 2 सौ करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है. किसानों ने सरकार से फूलों की खेती को बचाने के लिए राहत की मांग की है.

  • Share this:

कुल्लू. पूरे देश में कोरोना ( corona ) महामारी के कारण सबसे बड़ा नुकसान किसानों को झेलना पड़ रहा है. किसान ( farmer) को फसलों के उचित दाम न मिलने से आर्थिक नुकसान हो रहा है तो वहीं हिमाचल प्रदेश में फूलों की खेती करने वाले हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. प्रदेश में किसानों को 2 सौ करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है. किसानों ने सरकार से फूलों की खेती ( flower farming) को बचाने के लिए राहत की मांग की है.

टीएम फ्लोरी इंडस्ट्री के मैनेजर ओपी सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष और इस वर्ष भी फूलों की खेती करने वाले हजारों किसानों को बड़े स्तर पर नुक्सान हुआ है. उन्होंने कहा कि गार्मियों में प्रदेश के  कई जिलों में बड़े स्तर पर किसान ने फूलों खेती की है, लेकिन देश के अधिकतर राज्यों में लॉक डाउन के कारण फूलों की डिमांड नहीं है. ऐसे में अपैल से लेकर जून तक शादियों का सीजन था, लेकिन उसमें भी फूलों की डिमांड न होने से प्रदेश के हजारों किसानों को 2 सौ करोड़ रुपये  से अधिक का नुक्सान हुआ है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने तो 3 सालों में फूलों की खेती खत्म हो जाएगी, जिसमें देश के लाखों लोगों की रोजी रोटी पर असर पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को ट्रांसपोटेशन की सुविधा उपलब्ध करवाए जिसमें आने वाले समय में कुछ राहत दें, जिसमें सरकारी बसों में किसानों को किराये में रियायत दी जाए. उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसानों को बड़ा नुक्सान हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार फूलों की मंडियों की व्यवस्था करें तो देश भर के व्यापारी यहां से फूलों की फसल खरीदने के लिए आएंगे. जिससे किसानों की ट्रांसपोर्टेशन बचेगी. किसानों को पैसा भी समय पर मिलेगा. उन्होंने कहाकि देशभर में हिमाचल के नाम पर फूल बिकता है, जिससे यहां पर फूलों की खेती को बढ़ावा देने से यहां के किसानों की आर्थिक स्थिति भी सदृड़ होगी.

उन्होंने कहाकि हिमाचल में ऊना, हमीरपुर, विलासपुर, मंडी,सोलन, शिमला, कुल्लू, लाहौल, सिरमौ, चंबा सहित अन्य जिलों में भी बड़े स्तर पर फूलों की खेती की जाती है. जिससे पूरे देश के लिए गर्मियों में यहां से फूलों की सप्लाई होती है. स्थानीय किसान इंद्र चंद ने बताया कि पिछले दो सालों से फूलों की खेती से हजारों किसानों, लाखों, करोड़ रुपये का आर्थिक नुक्सान हुआ है. उन्होंने कहा कि इससे हजारों गरीब मजदूरों को भी नुक्सान हुआ है. बाहरी राज्यों में फूलों की डिमांड न होने  से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है. जिससे सरकार को किसानों को राहत पैकेज की व्यवस्था करनी होगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज