Atal Tunnel Rohtang: लाहौल स्पीति के ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं, जानें कैसे

सर्दियों में केलांग में भारी बर्फबारी होती है. इससे यहां सबकुछ ठप्प हो जाता था.  (FILE PHOTO)
सर्दियों में केलांग में भारी बर्फबारी होती है. इससे यहां सबकुछ ठप्प हो जाता था. (FILE PHOTO)

Atal Rohtang Tunnel: यही नहीं, जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में सरकारी कर्मचारी पहले नौकरी करने मे कतराते थे, लेकिन अब सरकारी कर्मचारी भी इन क्षेत्रों में नौकरी करने के लिए खुशी-खुशी जाएंगे.

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कुल्लू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narender Modi) तीन अक्टूबर को बहुचर्चित अटल टनल रोहतांग (Atal Tunnel, Rohtang) देश को समर्पित करेंगे. इस टनल से सबसे अधिक फायदा हिमाचल के जनजातीय जिले लाहौल स्पीति (Lahaul Spiti) को होगा. अब यह जिला 12 महीने तक देश और दुनिया से जुड़ा रहेगा. यूं कहें कि अब लाहौल स्पीति ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं.

लाहौल को क्या फायदा होगा

जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में सालभर ऑल वैदर कनेक्टिवीटी रहेगी. अटल टनल रोहतांग से लाहौल स्पीति में धार्मिक पर्यटन के साथ एडवेंचर पर्यटन को पंख लगेंगे. किसान,बागवानों को उत्पाद के ट्रासपोटेशन के लिए 12 माह सुविधा मिलेगी. मूलभूत सुविधा सदृड़ होगी.  ऐसे में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन के साथ कृषि बागवानों के क्षेत्रों में जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेगी. प्रदेश की लाइफलाइन कहे जाने वाले परिवहन निगम की बस में अब मनाली-केलांग के लिए 70 किलोमीटर सफर रहेगा. मनाली से केलांग के लिए 4 घंटे में आना जाना हो सकेगा. परिवहन निगम बसों की संख्या भी रूट पर बढ़ेगा.



किराये में कमी होगी
लाहौल के लिए 9.2 किलोमीटर का अटल टनल का सफर यादगार बनेगा. मनाली से केलांग के बीच  रोहतांग दर्रे होकर 115 किलोमीटर के सफर के लिए 255 रुपये किराया लगाता है. अब अटल टनल  से होकर मनाली से केलांग तक 155 रुपए ही लगेंगी. क्योंकि अब 115 किलोमीटर में 46 किलोमीटर का फासला कम होगा.

सरकारी कर्मी भी खुश होकर जाएंगे

मनाली और केलांग के बीच की दूरी अब महज 69 किलोमीटर होगी.  एचआरटीसी के कुल्लू डिपो के आरएम डीके नारंग ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र में परिवहन सेवा सदृड़ होगी. लाहौल के लिए 12 महीने परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी. मनाली से केलांग तक बस किराये में 100 रूपये कमी होगी. इससे पहले रोहतांग दर्रे से होकर कोखसर पहुंचने के लिए 6 घंटे का समय लगता था.अब काफी समय बचेगा. पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए लग्जरी बस सेवा भी शुरू होगी. पहले लोगों को 6 माह का राशन का भंडारण करना पड़ता था. अब उससे भी छुटकारा मिलेगा. यही नहीं, जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में सरकारी कर्मचारी पहले नौकरी करने मे कतराते थे, लेकिन अब सरकारी कर्मचारी भी इन क्षेत्रों में नौकरी करने के लिए खुशी-खुशी जाएंगे.
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