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हिमाचल में जलवायु परिवर्तन पर गोष्‍ठी में जताई गई चिंता

जलवायु परिवर्तन पर कुल्‍लू में आयोजित संगोष्‍ठी.

जलवायु परिवर्तन पर कुल्‍लू में आयोजित संगोष्‍ठी.

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन पर देव सदन कुल्‍लू में एक संगोष्‍ठी का आयोजन किया गया. इसमें पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों ने हिमाचल में जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्‍यक्त की.

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हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन से हर वर्ग चिचिंत है. हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिर्वतन के क्या कारण है और जलवायु परिवर्तन को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर देव सदन कुल्लू में मंथन किया गया.

हिमाचल प्रदेश के शीत मरुस्थल में जलवायु परिवर्तन एवं वहां के संस्कृति, कला और जनजीवन पर देव सदन कुल्लू में एक संगोष्ठी आयोजित की गई. संगोष्ठी में विभिन्न पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों ने भाग लिया. ग्लेशियर, जंगल और जमीन विषय पर हिमाचल प्रदेश कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग कुल्लू और आजाद जनजातीय धरोहर सुरक्षा समिति ने इस संगोष्ठी का आयोजन किया.

संगोष्ठी में सहायक आयुक्त अमित गुलेरिया ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. संगोष्ठी के आयोजक श्यामचंद आजाद ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति और पांगी में भी जलवायु परिवर्तन का खासा असर देखा गया है. सेब की बेल्ट कुल्लू-मनाली से खिसक कर अब
लाहौल घाटी में पहुंच गई है. यह सब जलवायु परिर्वतन के कारण हुआ है.
इस संगोष्ठी में कुल्लू, लाहौल-स्पीति समेत प्रदेश के विभिन्न बुद्धिजीवी और जीवी पंत पर्यावरण संस्थान मौहल के विशेषज्ञों ने भाग लिया. संगोष्ठी में जीवी पंत संस्थान के वैज्ञानिक जीसी कुनियाल ने जलवायु परिर्वतन पर विस्तार से जानकारी दी. संगोष्ठी में मिसेज एशिया इंटरनेशनल फोटोजेनिक फेस-2017 कल्पना ठाकुर ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की.
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