• Home
  • »
  • News
  • »
  • himachal-pradesh
  • »
  • COVID-19: दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक गांव मलाणा में 700 लोगों को लगी पहली डोज

COVID-19: दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक गांव मलाणा में 700 लोगों को लगी पहली डोज

कुल्लू के मलाणा गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम.

कुल्लू के मलाणा गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम.

Corona vaccination in Himachal: पहले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलाणा के 236 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई. दो और दिन टीम मलाणा गांव रुकी. दूसरे दिन 402 और बचे हुए लोगों को तीसरे दिन वैक्सीन प्रदान की गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    कुल्लू. हिमाचल प्रदेश सरकार का दावा है कि सूबे के 18 से 44 साल के लोगों को 100 फीसदी कोरोना टीकाकरण हो गया है. लेकिन सरकार का यह दावा झूठ है. दावे के विपरित अब भी वैक्सीनेशन चल रहा है. हालांकि, सरकार के तय किए गए लक्ष्य के अनुसार पूरे लोगों को वैक्सीनेशन (Vaccinations) लगाई गई है, लेकिन हिमाचल की पूरी आबादी को वैक्सीन नहीं लगी है. दूसरे राज्यों के लोग भी इसमें शामिल हैं. हिमाचल के कुल्लू (Kullu) जिले में दुनिया के सबसे पुराने कहे जाने वाले लोकतांत्रिक गांव मलाणा (Malana Village of Kullu) में गुरुवार को 1000 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है.

    दरअसल, कुल्लू प्रशासन का दावा है कि जिला में कोविड-19 वैक्सीनेशन के निश्चित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया गया है. हालांकि, लेकिन दूरदराज के क्षेत्रों में छूटे व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई जा रही है. जिला प्रशासन के अनुसार, ऐतिहासिक गांव मलाणा में 700 से अधिक की आबादी ने वैक्सीन की पहली डोज तक नहीं लगवाई थी. दुनिया के सर्वाधिक पुराने लोकतंत्र और सघन देव आस्था के इस गांव के लोगों को वैक्सीन लगाना एक बड़ी चुनौती थी. यही नहीं, गांव तक संपर्क सड़क का ना होना, शिक्षा का स्तर कम होना तथा महरिशी जमलू देवता के आदेश पर स्थानीय शासन का संचालन जैसी अन्य चुनौतियां थी, जिनको पाटने के लिए जिला प्रशासन को एक ठोस व सोची समझी रणनीति के साथ आगे बढ़ना था.

    1,000 से अधिक वैक्सीन की डोज लेकर गए थे- डीसी कुल्लू
    उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने मलाणा गांव में वैक्सीन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अवकाश के दिनों को चुना और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुशील चंद्र सहित जरी ब्लॉक की स्वास्थ्य टीम को साथ लेकर 1,000 से अधिक वैक्सीन की डोज को लेकर मलाणा गांव को सुबह सवेरे रवाना हुए. गांव को स्पेन के माध्यम से भी स्टाफ तथा दवाई को ट्रांसपोर्ट किया गया. डीसी ने सबसे पहले गांव के सार्वजनिक स्थल, जो देवता का स्थान है और इसे चबूतरा भी कहते हैं, वहां पर गांव के कुछ बुद्धिजीवियों को बुलाकर उनसे वैक्सीनेशन को लेकर लंबी मंत्रणा की. मलाणा गांव की आशा कार्यकर्ता निरमा देवी, ग्राम पंचायत के प्रधान राजूराम, उपप्रधान राम जी के अलावा मोतीराम, खिमी राम, देवता के पुजारी और कार दार सहित कुछ लोगों को विश्वास में लेकर इन के माध्यम से गांव वासियों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने की रणनीति तैयार की. चबूतरा में थोड़ी देर में गांव के बहुत से लोग एकत्र हो गए.

    हिमाचल के कुल्लू (Kullu) जिले में दुनिया के सबसे पुराने गांव लोकतांत्रिक गांव मलाणा (Malana Village of Kullu) में गुरुवार को 1000 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है.

    तीन दिन तक चला अभियान

    काफी जद्दोजहद के उपरांत पहले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलाणा के 236 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज प्रदान की. अगले दो और दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम मलाणा गांव में ही रुकी, ताकि सभी पात्र लोगों को वैक्सीन प्रदान की जा सके. दूसरे दिन 402 लोगों को देर रात तक वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई और शेष बचे लोगों को तीसरे दिन वैक्सीन प्रदान की गई. इस तरह से मलाना के सभी 1000 से अधिक लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज को मोप-अप राउंड में पूरा कर लिया गया. डीसी ने कहा कि वह मलाणा के लोगों की धार्मिक आस्थाओं, धार्मिक मान्यताओं और विशेषकर जमरलू जी महाराज का दिल से सम्मान करते हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज