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कुल्लू में देव स्थलों के अपवित्र होने पर रघुनाथपुर में बुलाई जाएगी देव संसद

News18 Himachal Pradesh
Updated: October 29, 2019, 3:26 PM IST
कुल्लू में देव स्थलों के अपवित्र होने पर रघुनाथपुर में बुलाई जाएगी देव संसद
कुल्लू में होगी देव संसद. (सांकेतिक तस्वीर)

भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि नाग धूंबल देवता ने संसद बुलाने के आदेश दिए हैं.

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कुल्लू. दशहरा उत्सव (Dussehra Festival) के दौरान देव स्थल के अपवित्र होने का मामला अब देव संसद तक जा पहुंचा है. हालांकि, ठेकेदार को देव स्थल को अपवित्र करने को लेकर 21 हजार रुपए जुर्माना भी लगा था, लेकिन देवता नाग धूम्बल ने भगवान रघुनाथ के मुख्य छडी बरदार महेश्वर सिंह को देव संसद बुलाने के भी आदेश दिए हैं. अब यह मामला देव संसद (Parliament) में जा पहुंचा है. लिहाजा, देव समाज ने छोटी देव संसद बुलाने की तैयारी कर ली है. देव नाग धूंबल के आदेश पर भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने देव आदेश की जिला भर के कारदारों को सूचना दी है.

जल्द तय होगी तारीख
रघुनाथपुर में कारदारों की एक बैठक हुई, जिसमें देव संसद आयोजन को लेकर रूपरेखा और चर्चा हुई. कारदारों ने यह भी फैसला लिया है कि देव संसद बुलाने के लिए देवी-देवताओं को पूछकर एक तिथि निर्धारित की जाएगी और उसके बाद निर्धारित तिथि पर देव संसद बुलाई जाएगी.

तीन स्तर पर देव संसद

देव संसद तीन स्तर पर होती है. प्रथम स्तर पर ढालपुर स्थित रघुनाथ के अस्थाई शिविर, जबकि दूसरे स्तर पर सुल्तानरपुर स्थित भगवान रघुनाथ के मंदिर और सबसे बड़ी यानी तीसरी और मुख्य संसद जगतिपट्ट (नग्गर) में होती है. लिहाजा, देवता नाग धूंबल ने दूसरे स्तर की संसद सुल्तानपुर स्थित रघुनाथ के मंदिर में बुलाने के आदेश दिए हैं.

रघुनाथपुर में कारदारों की एक बैठक हुई, जिसमें देव संसद आयोजन को लेकर रूपरेखा और चर्चा हुई.
रघुनाथपुर में कारदारों की एक बैठक हुई, जिसमें देव संसद आयोजन को लेकर रूपरेखा और चर्चा हुई.


इस वक्त बुलाते हैं संसद
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गौर रहे कि जब जब घोर संकट आता है या फिर अकाल जैसी स्थिति हो जाए तो उस समय देव संसद बुलाई जाती है, ताकि देवी देवता इससे निपटने के लिए कोई ठोस निर्णय ले सके और संकट को टाल सके. हालां,कि यह महासंसद में होता है लेकिन कुछ निर्णय लेने के लिए छोटी संसद बुलाई जाती है.

यह है मामला
देव स्थलों के अपवित्र होने को लेकर देवी-देवता रूष्ट हो रहे हैं और पिछले दिनों नाग धूंबल देवता भी मंदिर पहुंचने के बाद वापिस ढालपुर पहुंचे थे और अपने स्थल को अपवित्र होने पर प्रशासन को भी फटकार लगाई थी. लिहाजा, इसी से रूष्ट होकर देवता ने देव संसद को बुलाने के आदेश दिए हैं. बताया जा रहा है कि दशहरा उत्सव के दौरान बजाई गई देवधुन को लेकर भी देवी-देवताओं ने आपत्ति दर्ज की गई है. देवधुन को कुछ वीआईपी लोगों के समक्ष बुलाई गई है, उसको लेकर भी देवी देवता नाराज है. लिहाजा, देव संसद में यह मसले को लेकर भी मंथन हो सकता है.

यह बोले महेश्वर सिंह
भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि नाग धूंबल देवता ने संसद बुलाने के आदेश दिए हैं. देव आदेश को कारदारों को तक पहुंचाया है. कुछ कारदारों ने बैठक में हिस्सा लिया है और तय किया है कि देवी-देवताओं को पूछकर संसद (जगति) आयोजन की तिथि निर्धारित की जाएगी. देवता नाग धूंमल के आदेश पर तिथि निर्धारित की जाएगी.

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First published: October 29, 2019, 3:16 PM IST
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