लगघाटी सिंचाई योजना पर पूर्व व वर्तमान विधायक आमने-सामने

कुल्लू जिला के लगघाटी में संमाणा कड़ीगचा के लिए 6 करोड़ 37 लाख रूपये की सिंचाई योजना पर पूर्व व वर्तमान विधायक आमने-सामने आ गए हैं.

Tulsi Bharti | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 14, 2018, 2:11 PM IST
लगघाटी सिंचाई योजना पर पूर्व व वर्तमान विधायक आमने-सामने
पूर्व विधायक की प्रस्तावित कुछ सिंचाई योजनाओं पर सवाल उठातै विधायक सुंदर सिंह ठाकुर
Tulsi Bharti | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 14, 2018, 2:11 PM IST
कुल्लू जिला के लगघाटी में संमाणा कड़ीगचा के लिए 6 करोड़ 37 लाख रूपये की सिंचाई योजना पर पूर्व व वर्तमान विधायक आमने-सामने आ गए हैं. सिंचाई योजना के लिए आरोप प्रत्यारोप से एक दूसरे के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं.एक तरफ वर्तमान विधायक सुंदर सिंह ठाकुर पूर्व विधायक की प्राथमिकता में डाली समालग, कड़ीगचा, समाणा, दोघरी की सिंचाई योजना को लेकर जांच की मांग कर रहे हैं कि सिंचाई योजना लोगों से पूछे बिना तैयार की गई जबकि इस गांव में प्राकृतिक जलस्त्रोंतों से सिंचाई के लिए बड़ी मात्रा में जल उपलब्ध है.

उन्होंने कहा कि विधायक प्राथमिकता में इस सिंचाई योजना डालने के पीछे विधायक की क्या मंशा थी. देखा जाए तो इस योजना फर्जीवाड़े को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि 6 करोड़ 37 लाख रुपये की डीपीआर तैयार की गई जिसकी जरूरत नहीं है. इसकी जांच होनी चाहिए. खराहल,कोटी चौंग,माहराजा कोठी,फाटी कशाऊरी बिना सिंचाई योजना के हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की कोई मांग नहीं थी. इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा.

वहीं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने कहा कि  किसी भी योजना का सर्वेक्षण संबधित विभाग करता है.उन्होंने कहा कि लगघाटी के लिए एक स्कीम समाणा, दोघरी कड़ींगचा के लिए सिंचाई के लिए 6 करोड़ रूपये की योजना आई थी. मैनें लोगों से पुछा तो लोगों ने इसकी मांग की. उन्होंने कहा कि विधायक अपनी मर्जी से कैसे प्राथमिकता में डालेगा.

पूर्व विधायक ने कहा कि वर्ष 2014 -15 को यह सिंचाई योजना नवार्ड से अतंगर्त स्वीकृति हुई और इस योजना का प्राकलन तैयार है नवार्ड के टेबल पर पड़ी हुई है जिससे काफी क्षेत्रों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा. विधायक को कैसे इस योजना में निजी स्वार्थ नजर आ रहा है. यह स्कीम मैंने लोगों के लिए बनाई, उसको काट करना कोई अच्छी परंपरा की शुरुआत नहीं है. अगर विधायक ने कोई और स्कीम में रकम डालनी है तो डालें.सरकार छानबीन करे, मैं दोषी हूं तो सजा दे.
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