इस साल भी कुल्लू जिले में लहसुन की फसल आई बीमारी की चपेट में, किसान हैं परेशान

लहसुन की फसल की बीमारी को लेकर परेशान शकुंतला देवी ने कृषि विशेषज्ञों से मदद की गुहार लगाई.

लहसुन की फसल की बीमारी को लेकर परेशान शकुंतला देवी ने कृषि विशेषज्ञों से मदद की गुहार लगाई.

किसानों ने कहा कि कुल्लू जिले में पिछले 3 बरस से लहसुन की फसल की बीमारी की चपेट में आ रही है. किसान लगातार घाटा उठा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञ लहसुन की फसल की इस बीमारी का निदान बताएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 10:45 PM IST
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कुल्लू. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सिरमौर के बाद लहसुन उत्पादन में कुल्लू जिले (Kullu District) का दूसरा स्थान है. कुल्लू जिले में हजारों मिट्रिक टन लहसुन का उत्पादन होता है. लेकिन यहां कई क्षेत्रों में इन दिनों लहसुन की बीमारी से हजारों किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं. कुल्लू की लगघाटी के सैंकड़ों गांव के किसान लहसुन की फसल में बीमारी त्रस्त हैं. इस बीमारी से लगघाटी के भुट्टी, भल्याणी, मड़घन, शंगन गांव के पर खतरा मंडरा रहा है. लगघाटी के किसानों ने कृषि विभाग के विशेषज्ञों से खेतों का निरीक्षण कर उचित निदान की मांग की है.

स्थानीय किसान संजीव कुमार ने बताया कि लगघाटी में बड़े पैमाने पर लहसुन की फसल लगाई गई है. पिछले 3 साल से लहसुन की फसल बीमारी से खराब हो रही है. लगघाटी के किसानों ने दवाओं का छिड़काव भी किया, लेकिन बीमारी नियंत्रित नहीं हो रही है. लहसुन के पत्ते पीले हो जा रहे हैं और जड़ों में कीड़े लग रहे हैं. इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के विशेषज्ञों को खेतों का दौरा कर इस बीमारी का निदान बताना चाहिए.

स्थानीय महिला किसान शकुंतला देवी ने बताया कि लगघाटी के भुट्टी गांव में पिछले 3 साल से इस बीमारी ने किसानों को परेशान कर रखा है. लहसुन के पत्तों में पीलापन और जड़ में कीड़े लगने से फसल खराब हो रही है. उन्होंने कहा कि लहसुन के अच्छे दाम मिलते थे, इसी वजह से गांव में सभी ग्रामीणों ने लहसुन की फसल लगाई है. लेकिन पिछले तीन बरस से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि लहसुन की बीमारी का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो इस साल भी किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा.

स्थानीय किसान डावे राम ने बताया कि लगघाटी में हजारों किसान लहसुन की फसल पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी व विशेषज्ञों की टीम किसानों के खेतों का निरीक्षण करें और तीन साल से परेशान किसानों की चिंता दूर करें.
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