हिमाचल में 7 महीने बाद स्कूल-कॉलेज खुले, SOP जारी मगर नहीं मिला सैनेटाइजेशन के लिए फंड

हिमाचल सरकार ने राज्य में स्कूल- कॉलेजों को खोल दिया है. (फाइल फोटो).
हिमाचल सरकार ने राज्य में स्कूल- कॉलेजों को खोल दिया है. (फाइल फोटो).

हिमाचल प्रदेश में COVID-19 की वजह से 7 महीने से बंद स्कूल-कॉलेजों के संचालन के लिए सरकार ने SOP जारी कर दी है, मगर कक्षाओं और कैंपस के सैनेटाइजेशन के लिए बजट नहीं दिया. इस कारण SOP के मुताबिक संस्थान के संचालन में हो रही है परेशानी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 5:29 PM IST
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कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) की सरकार ने COVID-19 महामारी की वजह से पिछले 7 महीनों से बंद पड़े स्कूल-कॉलेजों (School-College) को खोलने का निर्देश दे दिया है. सरकार ने इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश यानी SOP भी जारी कर दी है, लेकिन स्कूल-कॉलेजों को सैनेटाइजेशन मद (Sanetization) का बजट नहीं दिया है. इस कारण कक्षाओं और कैंपस को सैनेटाइज करना परेशानी का सबब बन गया है.

कुल्लू जिले में 152 हाईस्कूल (High School) और सीनियर सेकेंड्री स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है. स्कूल-कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि महामारी से बचाव के सभी इंतजाम करने के बाद ही कक्षाओं का संचालन हो. ऐसे में स्कूल के संचालक परेशान हैं कि बिना बजट के कक्षाएं कैसे संचालित की जाएं. क्योंकि बिना सैनेटाइजेशन फंड के सरकार द्वारा जारी SOP का पालन करना कठिन हो रहा है.

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उच्च शिक्षा उपनिदेशक बलवंत सिंह ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कुल्लू जिले में 152 शिक्षण संस्थानों में छात्रों की कक्षाए शुरू हो गई हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में कमरों को लगातार सैनेटाइज किया जा रहा है. छात्रों की थर्मल स्कैनिंग और सोशल डिस्टेसिंग व फेसकवर के साथ ही शौचालय में साफ-सफाई के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 5 प्रतिशत स्टूडेंट शिक्षण संस्थानों में नहीं आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को एसओपी फॉलो करने के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिसके लिए निदेशालय ने उच्च अधिकारियों से संपर्क किया है. उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में बिना बजट के सैनेटाइजेशन की प्रक्रिया में दिक्कतें आ रही है. उन्होंने कहा कि इसको लेकर मंत्री से भी चर्चा की गई है. ब्वॉयज स्कूल ढालपुर के प्रिसिंपल भीम कटोच ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों (SOP) के हिसाब से प्रॉटोकाल के तहत सभी प्रबंध किए गए हैं.

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उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों को कोरोना के बचाव की जानकारी दे रहे हैं, जिसके बाद छात्रों को सोशल डिस्टेसिंग, अपना लंच शेयर न करने व फेसकवर पहनकर बसों में सफर करने व भीड़-भाड़ से दूर रहने की सलाह दी जा रही है. उन्होंने बताया कि अभिभावकों की सहमति पत्र के बाद ही छात्रों को कक्षा में बैठाया जा रहा है, जिसके लिए  SOP के हिसाब से प्रबंधन किए गए हैं. (रिपोर्ट - तुलसी बाबा)
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