लाइव टीवी

बजट पर हिमाचल के युवाओं ने की टिप्पणी, कहा-65% युवाओं को निराशा लगी हाथ
Kullu News in Hindi

Tulsi Bharti | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 1, 2020, 4:58 PM IST
बजट पर हिमाचल के युवाओं ने की टिप्पणी, कहा-65% युवाओं को निराशा लगी हाथ
युवाओं को नहीं रास नहीं आया बितमंत्री निर्मला सीतारमण का बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार जो बजट (Budget) पेश किया है उसमें देश की 65% युवाओं (Youth) की आबादी को निराशा हाथ लगी है. इस बजट में देश के लाखों, करोड़ों बेरोजगार युवाओं को यह बजट रास नहीं आया है.

  • Share this:
कुल्लू. केंद्र सरकार के आम बजट से भले ही निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों व आम जनता को राहत मिली हो लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister) ने इस बार जो बजट (Union budget)  पेश किया है उसमें देश की 65% युवाओं की आबादी को निराशा हाथ लगी है. वहीं इस बजट में देश के लाखों, करोड़ों बेरोजगार युवाओं को यह बजट रास नहीं आया है. यही वजह है कि युवाओं ने केंद्र सरकार के इस बजट को नकारा है और ऐसे में युवाओं ने एक बार फिर मोदी सरकार को बजट में अनदेखी के लिए जिम्मेदार ठहराया है. स्थानीय युवा घनश्याम शर्मा ने बताया कि एनडीए पार्ट 2 को दूसरी बार युवाओं ने फिर जनादेश देकर पूर्ण बहुमत से केंद्र में सरकार बनाने में अपना वोट दिया है, लेकिन युवाओं के साथ एक बार फिर केंद्र सरकार ने बजट में अनदेखी की है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष के आम बजट में युवाओं को सबसे ज्यादा उम्मीद थी कि इस बजट में बेरोजगारी को दूर करने के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा और युवाओं को रोजगार के अवसर के लिए सरकार नई योजनाओं को लेकर बजट में विशेष प्रावधान करेगी लेकिन इस बार भी पिछले बार की तरह बजट में केंद्र सरकार ने लोक लुभावने प्रावधान किए हैं.

छोटे और मध्यम वर्ग व्यापारियों को मिलेगी टैक्स स्लैब में राहत

उन्होंने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने गरीब मध्यम वर्कर लोगों को थोड़ी राहत देने के लिए ₹5,00,000 तक की इनकम पर टैक्स फ्री किया है, लेकिन जिस तरह से छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग के लोगों को टैक्स स्लैब में कोई खास राहत नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि स्पर्श वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी चालाकी के साथ टैक्स स्लैब में परिवर्तन किया है और जिसमें इस वर्ष भी सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए के लिए टैक्स स्लैब में जहां पहले 5 साल का टैक्स स्लैब था. वहां अब ढाई साल का टैक्स क्लब बनाया है.

बजट में दिखा सिर्फ आंकड़ों का मायाजाल



उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में सरकार ने सिर्फ आंकड़ों का मायाजाल दिखा है, लेकिन इस बजट में भी कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही है. वहीं दूसरी तरफ सरकार महंगाई को रोकने में नाकाम रही है. ऐसे में एक बार फिर बजट में आम लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली है,

किसानों के लिए बजट में कुछ भी खास नहीं

लेकिन जहां किसानों और बागवानों की हर वर्ष 2022 तक दुगनी करने का लक्ष्य रखा है उसमें भी अन्नदाता को कोई खास तरह का प्रावधान नहीं किया है और ने कहा कि सरकार ने सिर्फ इस बजट के बहाने आंकड़ों का मायाजाल दिखाने की कोशिश की है ऐसे में सरकार ने टैक्स क्लब में परिवर्तन कर सिर्फ अपना खजाना भरने की कोशिश की है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ हद तक राहत दी है

निजी क्षेत्र में रोजगार करने वाली शिल्पा ने बताया कि इस बार के बजट से इनकम टैक्स में राहत मिली है, जिससे प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले 5,00,000 रुपये तक की आय वाले लोगों को राहत मिली है. उन्होंने कहा कि पिछले बजट में जहां लोगों को 10% तक इनकम टैक्स देना पड़ता था, वहीं इस वजह से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ हद तक राहत दी है.

यह भी पढ़ें: शिमला: खटाई में पड़ सकता है नगर निगम शिमला की ई-विधान बनने वाली योजना

सिरमौर: प्लास्टिक मुक्त अभियान को लेकर व्यापारियों से मांगा सहयोग

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कुल्‍लू से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 1, 2020, 4:58 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर