होली उमंग : भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू में उमंग और खुशियों में डूबे लोगों ने खूब उड़ाए गुलाल

कुल्लू में होली मनाती टोली ने साझा की अपनी खुशियां.

कुल्लू में होली मनाती टोली ने साझा की अपनी खुशियां.

ढोल-नगाड़ों की धुन पर टोलियों में लोगों ने खूब मनाईं खुशियां. बच्चों, युवाओं व महिलाओं और बुजुर्गों ने देवी देवताओं से लिया आर्शीवाद. खूब खेली होली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 6:52 PM IST
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कुल्लू. भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू में रंगों और आपसी भाईचारे का त्यौहार होली हर्षोल्लास के साथ मनाया गाय. कुल्लू, मनाली, पतली कुहल, भुंतर, मणिकर्ण सहित तीर्थन, बंजार में होली पर टोलियों में लोगों ने एक-दूसरे को खूब रंग-गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं. कुल्लू शहर में ढालपुर, लोअर ढालपुर, सरवरी अखाड़ा सहित आसपास की सभी घाटियों में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों ने देवी-देवताओं के मंदिर में होली के त्यौहार पर प्राचीन परंपराओं का निर्वहन किया. कुल्लू जिले में होली का त्यौहार पूर्णमासी के दिन मनाया जाता है. पूरे देश में जहां होली का त्यौहार कल मनाया जाएगा, वहीं कुल्लू जिले में हर साल एक दिन पहले मनाया जाता है. होली के त्यौहार पर शाम के समय फाग जलाई जाती है. कुल्लू जिले में लोगों ने दिनभर होली उत्सव पर आसपड़ोस, रिश्तेदारों व मित्रों के साथ उमंग व खुशियों का यह त्यौहार धूमधाम से मनाया.

लोअर ढालपुर के स्थानीय निवासी दिनेश पुजारी ने बताया कि कुल्लू जिले में होली का त्यौहार भगवान रघुनाथ के अयोध्या से कुल्लू आगमन के बाद शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि वंसत उत्सव के साथ कुल्लू में 40 दिन तक होली मनाई जाती है. इस होलाष्टक में 8 दिनों तक वैरागी समुदाय के लोग भगवान रघुनाथ मंदिर में होली गीत गाते हैं और उन पर गुलाल फेंका जाता है. भगवान रघुनाथ की परंपरा के साथ होलिका दहन होता है.

उन्होंने कहा कि कुल्लू जिले में 2 दिनों तक होली का त्यौहार मनाया जाता है. जिसमें सभी लोग एक दूसरे के घर-घर जाकर होली मनाते हैं. उन्होंने कहा कि होलिका दहन पूर्णिमा के दिन होता है. इस दिन सभी लोग टोलियों में अपने आस-पड़ोस के साथ एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां मनाते हैं.

स्थानीय युवा करुण विराट महंत ने बताया कि होली का त्यौहार नई उमंग, नए उत्साह के मनाया जाता है. सभी लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर, सभी तरह के मनमुटाव भुलाकर, एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं. उन्होंने कहा कि मेले और त्यौहार एक-दूसरे के जीवन में उत्साह और खुशियां लाते हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी लोगों में रंगों के त्यौहार होली का उत्साह दिख रहा है. ऐसे में भगवान रघुनाथ कोरोना महामारी को खत्म करें और लोग सामान्य जीवन जिएं.
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