कसोल में नियमों की अनदेखी कर रहे 48 होटलों की लिस्ट हाईकोर्ट को सौंपी

एसडीएम कुल्लू अमित गुलेरिया ने कहा कि इससे पहले भी 60 होटल्स और रेस्टोरेंट के दस्तावेजों की जांच हुई थी, जिसमें से 40 अवैध थे, जिनमें हाईकोर्ट के आदेश पर सील लगाई गई है.

News18 Himachal Pradesh
Updated: May 16, 2018, 5:57 PM IST
कसोल में नियमों की अनदेखी कर रहे 48 होटलों की लिस्ट हाईकोर्ट को सौंपी
Hotels in Kasol.
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Updated: May 16, 2018, 5:57 PM IST
कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में चल रहे अवैध होटलों, रेस्टोरेंट व हॉमस्टे के दस्तावेजों की जांच और डिमार्केशन की प्रक्रिया तीन माह से चली हुई है. वन भूमि पर अतिक्रमण कर होटल, रेस्टोरेंट और हॉमस्टे का निर्माण हुआ है.

सरकारी नियमों की अनेदखी और पर्यटन विभाग व पॉल्यूशन कंटोल बार्ड की एनओसी या टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति बिना 48 होटल चल रहे हैं. इन होटल और रेस्टोरेंट ने वन भूमि पर अतिक्रमण किया है. अब इन्हीं की सूची जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट में जमा करवा दी है. मामले की सुनवाई 30 मई को हाईकोर्ट में होगी.

एसडीएम कुल्लू अमित गुलेरिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर मणिकर्ण घाटी के सभी होटल्स, रेस्ट्रोरेंट और हॉमस्टे का रिकार्ड खंगाला है. दूसरे चरण में मणिकर्ण घाटी में 48 होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट पर्यटन विभाग की अनुमति के बिना चल रहे हैं, जिनका विभाग से पंजीकरण नहीं हुआ है.

कुछ निर्माण वन भूमि पर हुए हैं. उन्होंने कहा कि जिसके लिए वन विभाग और राजस्व विभाग जल्द डिमार्केशन की प्रक्रिया इस माह के अंत तक पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में 30 मई को इस मामले में सुनवाई होगी.

एसडीएम कुल्लू अमित गुलेरिया ने कहा कि इससे पहले भी 60 होटल्स और रेस्टोरेंट के दस्तावेजों की जांच हुई थी, जिसमें से 40 अवैध थे, जिनमें हाईकोर्ट के आदेश पर सील लगाई गई है. 4 होटलों के दस्तावजे पूरे होने पर सील हटा दी गई है. लेकिन अब भी 36 होटल और ढाबे व हॉमस्टे में सील लगी हुई है.
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