कुल्लू के दर्दनाक बस हादसे से ऐन पहले मोड़ पर गेट खुला और इन दो लोगों की बच गई जान

दुर्घटनाग्रस्‍त बस मंडी से कुल्लू होते हुए गड़ागुसैणी जा रही थी. इस दौरान बंजार से एक किमी आगे भियोट मोड़ के पास निजी बस मोड़ से सीधे नदी में गिर गई. बताया जाता है कि 42 सीटर बस में 80 से ज्यादा लोग सवार थे.

Tulsi Bharti | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 21, 2019, 6:14 PM IST
Tulsi Bharti | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 21, 2019, 6:14 PM IST
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के भियोट मोड़ पर हुए दर्दनाक बस हादसे में 44 लोगों की जान चली गई और 35 लोग घायल हो गए. इस हादसे के दो चश्मदीद हैं, ये दोनों ही बस पर सवार थे और हादसे से बाल-बाल बच गए.इनमें से एक महावीर ट्रांसपोर्ट की ही एक और बस चलाने वाले ड्राइवर सुरेंद्र भी यात्रा कर रहे थे. सुरेंद्र इस हादसे में सकुशल बच गए है. उनके साथ एक महिला भी घटना में सही-सलामत हैं. बस हादसे में सुरक्षित बचीं तुंग निवासी सुषमा और मंडी के तल्याहड़ के सुरेन्द्र इस भीषण हादसे के चश्‍मदीद हैं.

सुरेंद्र ने बताया आंखों देखा हाल
न्यूज 18 से बातचीत में सुरेंद्र ने बताया कि वह महावीर ट्रांसपोर्ट की दूसरी बस चलाते हैं. हादसे के दौरान वह और उनके साथ एक महिला बस के पिछले दरवाजे के पास खड़े थे. तीखे मोड़ पर अचानक बस का पिछला दरवाजा खुला. इससे पहले कि बस सीधे नदी में गिरती, वह और एक महिला छिटकर सड़क पर गिर गए. इसके कुछ सेंकेंड बाद बस खाई में जा गिरी. सुरेंद्र ने बताया कि तुंग निवासी सुषमा की बहन भी सफर कर रही थीं. हादसे के बाद सुषमा सड़क पर चिल्लाने लगीं और बोलीं कि उनकी बहन बस में ही है.

क्वार्टर जा रहा था सुरेंद्र

सुरेन्द्र ने बताया कि उसने अपनी आखों के सामने बस को खाई में गिरते देखा. वह खुद को खुशनसीब मान रहे हैं. सुरेन्द्र ने बताया कि वह महावीर बस सर्विस ट्रांसपोर्ट की दूसरी बस चलाता है. वह इस बस में खौड़ी के लिए क्वार्टर जा रहा था, जिस बस को वह चलाता है वह खराब थी और औट में रिपेयरिंग के लिए खड़ी की गई थी. सुरेंद्र ने बताया कि वह हादसे का शिकार हुई बस में औट से चढ़ा था. सुरेन्द्र ने बताया कि साढ़े तीन बजे कुल्लू बस स्टैंड से बस निकली और कुछ देर जाम में फंसने के बाद सवा चार बजे हादसे का शिकार हो गई.

सड़क खराब, कई ब्लैक स्पॉट
सुरेंद्र ने बताया कि वह इस रूट पर बस चलाते हैं और कई जगह सड़क खराब है. कई मोड़ पर ब्लैक स्पॉट भी हैं. जहां हादसा हुआ है वहां यू टर्न है, जिससे मोड़ पर कई बार एकदम से दूसरी तरफ से गाड़ी आती है. इससे वाहन चलाने में परेशानी होती है.
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रूट पर बहुत कम बसें
सुरेंद्र ने बताया कि इस रूट पर कम बसें चलती हैं. इस वजह से बस में हमेशा भारी भीड़ होती है. उन्होंने कहा कि महावीर बस सर्विस की दो बसें इस रूट पर चलती हैं. एक बस 2 बजे और दूसरी बस 3 बजे बंजार से गाड़ागुसैणी-खौड़ी के लिए चलती है. इस रूट पर बसें दो ढाई-घंटे के अंतराल पर चलती हैं, जिससे बस में भीड़ होती है.

ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम सवा चार बजे की यह घटना है. निजी बस मंडी से कुल्लू होते हुए गड़ागुसैणी जा रही थी. इस दौरान बंजार से एक किमी आगे भियोट मोड़ के पास निजी बस मोड़ से सीधे नदी में गिर गई और इस दौरान बस के परखच्चे उड़ गए. 42 सीटर बस में 80 से ज्यादा लोग सवार थे. बस की छत पर भी लोग सवार थे. खाई में गिरते ही बस के परखच्चे उड़ गए. नदी के किनारे पहुंचते-पहुंचते बस की छत उड़ गई. अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. 35 घायल हैं, जिनमें 8 घायलों को चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया है.

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First published: June 21, 2019, 5:13 PM IST
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