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Kullu Dusshera 2021: मंत्री गोविंद ठाकुर का बड़ा बयान, बोले-आचार सहिंता हटते ही देवी-दवताओं को मिलेगा नजराना

Kullu Dusshera 2021: मंत्री गोविंद ठाकुर का बड़ा बयान, बोले-आचार सहिंता हटते ही देवी-दवताओं को मिलेगा नजराना

हिमाचल प्रदेश का कुल्लू दशहरा उत्सव. (File photo)

हिमाचल प्रदेश का कुल्लू दशहरा उत्सव. (File photo)

Kullu Dusshera Festival 2021: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में इंटरनेशनल दशहरा फेस्टिवल चल रहा है. सात दिन तक चलने वाले इस उत्सव का गुरुवार को अंतिम दिन है.

कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में दशहरा उत्सव में शामिल देवी-देवताओंं को नजराना ना देने की खबरों पर जमकर सियासत हो रही है. कांग्रेस ने सरकार के नजराना ना देने के फैसले पर सवाल उठाए हैं, लेकिन अब मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे पर बयान दिया है.

मनाली से विधायक और शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि जो देवी-देवताओं के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, वह देव समाज के लिए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच सरकार ने देवी देवताओं का सम्मान रखते हुए पारम्परिक संस्कृति को कायम रखा है और सभी देवी देवताओं को अंतराष्ट्रीय दशहरे उत्सव में आमंत्रित किया है. कुल्लू दशहरा धूमधाम से मनाया जा रहा है. देवी-देवताओं का सम्मान करते हुए सरकार चुनाव आचार सहिंता हटते ही नजराना भेंट करेगी.

कारदार संघ से बैठक कर रहे हैं-गोविंद

शिक्षा मंत्री ने कुल्लू में कहा कि लगभग एक सप्ताह से देव समाज के लोग सम्पर्क में थे और कारदार संघ के अध्यक्ष के साथ लगातार बैठक की जा रही थी. उन्होंने कहा कि दशहरा में इस बार सभी देवी देवताओं को आमंत्रण दिया गया है और परिणाम स्वरूप 281 के करीब देवी-देवता दशहरा में शिरकत कर रहे हैं. सरकार से विचार-विर्मश करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि आदर्श आचार सहिंता के बाद कुल्लू दशहरा में शिरकत करने आए देवी-देवताओं को नजराना और बाजा बजंतरियों को मानदेय दिया जाएगा. इसके साथ साथ दूरी भत्ता भी दिया जाएगा.

लंका दहन से पहले चंडी की पूजा

अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा देवमहाकुंभ के छठे दिन भगवान रघुनाथ के अस्थाई शिविर में माता दुर्गा के चंडी रूप की पूजा-अर्चना की गई. इस दौरान मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने माता दुर्गा के चंडी रूप की विधिवत पूजा की. दहन से पहले दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ ने सभी देवी-देवताओं को केसर की पुड़िया भेंट कर रावण वध का निमंत्रण दिया. उत्सव के अंतिम दिन दोपहर बाद सभी देवी देवता लंका दहन के लिए रथयात्रा होगी. रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहाकि प्राचीन काल से लेकर जब भी कोई रण में जाता था तो दुर्गा पूजा करता था और ऐसा हमारा विश्वास है कि माता के दुर्गा के चंडी रूप की पूजा करने से सफलता मिलती है.

Tags: Dussehra Festival, Himachal news, Kullu News

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