कुल्लू दशहरा कल से: 635 पुलिस-होमगार्ड के जवान संभालेंगे मोर्चा, धारा-144 लागू

कुल्लू में 25 अक्तूबर को दशहरा मनाया जाएगा.
कुल्लू में 25 अक्तूबर को दशहरा मनाया जाएगा.

Kullu Dusshera Festival: पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कि कोरोना काल में दशहरा उत्सव सूक्ष्म रूप से मनाया जाएगा. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 635 जवानों को तैनात किया जा रहा है.

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कुल्लू. हिमाचल प्रदेश में कोरोना संकट (Corona Virus) के बीच अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव (Kullu Dussehra Festival) का आगाज रविवार से होगा. हालांकि, इस बार दशहरा उत्सव पूरे तामझाम के साथ नहीं मनाया जाएगा. केवल परंपराएं निभाई जाएंगे और सुक्ष्म रूप में दशहरा उत्सव होगा. वही, ढालपुर (Dhalpur) और आसपास सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और हामगार्ड के 635 जवान तैनात किए गए हैं.

पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कि कोरोना काल में दशहरा उत्सव सूक्ष्म रूप से मनाया जाएगा. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 635 जवानों को तैनात किया जा रहा है. बजौरा से लेकर कुल्लू के रामशिला तक 5 नाके लगाए जा रहे हैं. कुल्लू की सीमाओं को सील किया गया है. बजौरा से लेकर कुल्लू तक 90 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं. पुलिस ने ढालपुर में उत्सव आयोजन स्थल को चार सैक्टरों में बांटा हुआ है.

रथयात्रा के दौरान ट्रैफिक बंद



दशहरा उत्सव के दिन 25 अक्तूबर को रथयात्रा के दौरान यातायात को दो घंटों के लिए बंद किया जाएगा और इस दौरान लोगों को आने जाने नहीं दिया जाएगा सिर्फ आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को ही प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने बताया कि इस दौरान पैदल चलने वाले लोगों पर भी प्रतिबंध रहेगा.
कोविड गाइडलाइन को फोलो करें लोग

एसपी कुल्लू ने कहा कि कोविड़ गाइडलाइन को इंप्लीमेंट करने के लिए और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए स्पेशल दस्ते बनाए गए हैं, जिनका सिर्फ एक ही काम होगा. उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि इस दौरान वे सहयोग दें और कम से कम अपने घरों से बाहर निकलें.

सात ही देवता आएंगे

शिक्षा व कला, भाषा एवं संस्कृति एवं चेयरमैन दशहरा उत्सव समिति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि उत्सव में रथयात्रा में 100 लोग रथ को खीचेंगे. देवी-देवताओं के साथ 15-15 लोग शामिल होंगे. आयोजन में भाग लेने ‌वाले सभी लोगों के कोरोना टेस्ट किया जाएगा. इस बार बाजार नहीं लगेगा और न सांस्क़ृतिक कार्यक्रम आयोजन नहीं होगा. रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि भगवान रघुनाथ 7 दिन तक ढालपुर मैदान के अस्थाई शिविर में रहेगें. इस दौरान सभी प्रकार की प्राचीन परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा. उत्सव में सैंकड़ो देवी-देवताओं का महामिलन देखने को नहीं मिलेगा. 7 प्रमुख् देवी देवताओं माता हंडिम्बा, माता त्रिपुरा सुंदरी नगर, बिजली महादेव, लक्ष्मी नारायण, देवता आदि ब्रह्मा, जम्दगनि ऋषि और देवता बीरनाथ गौहरी रथयात्रा में हिस्सा होंगे.
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