कुल्लू का 'स्नेक सेवियर’ सोनू ठाकुर, जिसने 10 साल में पकड़े 500 छोटे-बड़े सांप, बचाईं कई जानें
Kullu News in Hindi

कुल्लू का 'स्नेक सेवियर’ सोनू ठाकुर, जिसने 10 साल में पकड़े 500 छोटे-बड़े सांप, बचाईं कई जानें
कुल्लू का सोनू ठाकुर सांप पकड़ने में माहिर है.

Kullu Snake Savior Sonu Thakur: कुल्लू के भुंतर में सोनू ठाकुर इलेक्ट्रोनिक रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं. जब भी घर, दुकान, गोदाम और गाड़ियों में सांप निकलते है तो लोग 'स्नेक सेवियर’ सोनू को याद करते है.

  • Share this:
कुल्लू.  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू (Kullu) जिले की भुंतर तहसील के खोखन गांव के 40 वर्षीय सोनू ठाकुर पिछले 10 साल से जहरीलें सांप को पकड़कर सैंकड़ो लोगों की अनमोल जानें बचा रहे हैं. भुंतर-कुल्लू-मंडी (Mandi) के क्षेत्रों के लोग घरों दुकानों व गाड़ियों गोदाम में सांप निकलने पर सोनू ठाकुर (Sonu Thakur) को फोन करते है और सोनू ठाकुर जरूरी काम छोड़ कर सांप (Snake) पकड़ने के लिए बिना देरी पहुंच जाते है. इसके बाद वह सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर जंगलो में छोड़ते है

जानकारी के अनुसार, सोनू ठाकुर का नंबर क्षेत्र के हर घर में है और पुलिस चौकी, थाने से भी सोनू ठाकुर नंबर लिया जा सकता है. सोनू ने अभी तक 500 से अधिक सांप को पकड़ लिया है और सुरक्षित स्थानों पर छोड़ दिया है.  कहा जाता है कि, 'जिसको काटे सांप पदम, नहीं चले वो दो कदम.' पदम सांप 'किंग कोबरा' को कहा जाता है.

कई तरह के सांप देखे



भुंतर खोखण गांव के सोनू ठाकुर ने बताया कि कुल्लू में मैंने अजीबो-गरीब तरह के सांप देखे हैं. इनमें से तो कईयों के नाम भी मुझे पता नहीं? शायद कोई और भी न जानता हो. साधारण या जहरीले सांपों का यहां के घरों में घूमते दिखता रोजमर्रा की बात है. परड़ से लेकर हरे वाईपर, काले वाईपर, कोबरा, किंग कोबरा व अन्य कई  प्रकार की प्रजाति के जहरीले से सांपों को पकड़ा है. सोनू ठाकुर भुंतर में इलेक्ट्रोनिक रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं, लेकिन कभी भी कोई भी फोन कर घर, दुकान, गोदाम और गाड़ियों में सांप निकलते है तो 'स्नेक सेवर सोनू को याद करते है.
सांप से डर नहीं लगता

सोनू ने कहा कि सांप पकड़ने की खूबी गॉड गिफ्ट है. मुझे सांप से डर नहीं लगता और दर्जनों बार सांप ने काटा है, लेकिन कुछ नहीं हुआ. उन्होंने जनता से अपील की सांप को मारने से यह वाइल्ड लाइफ जीव लुप्त हो जाएगा, जिससे उसे बचाने के लिए प्रयास करें. उन्होंने प्रशासन व सरकार से आग्रह किया कि बैंगलौर की तर्ज पर कुल्लू जिला में भी एक छोटा सा स्नेक पार्क बनाया जाए, जिससे स्नेक पार्क में इस विलुप्त हो रही प्रजाति को बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि कई बार लोग डर से सांप को डंडों व पत्थरों से मारते हैं, जिससे कई सांप घायल होते है. वह उन घायल सांपों को पकड़ उनका ईलाज करते है. इलाज के बाद सुरक्षित छोड़ देते है. सोन कहते हैं कि ईको सिस्टम के तहत वाइल्ड लाइफ में सांप बढ़ जाए तो चूहे कम होते हैं. चूहे बढते हैं तो किसानों की फसलों व घरों दुकानों में भी नुक्सान करते है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज