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Kullu: नाटकों में करती थी वकील का रोल, चरवाहे के बेटी बनी इलाके की पहली वकील

यान दासी को वकालत सर्टिफिकेत देते हुए.

यान दासी को वकालत सर्टिफिकेत देते हुए.

Kullu News; यान दासी ने मीडिया को बताया कि परिवार व अध्यापकों के मार्गदर्शन की बदौलत उनकी वकालत की पढ़ाई पूरी हो गई, जिसका प्रमाण-पत्र हिमाचल प्रदेश बार काउन्सिल से उन्हें प्राप्त हुआ है.

  • News18Hindi
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कुल्लू. इंसान में अगर कुछ कर गुजरने की चाह हो तो पूरी कायनात उसे हासिल करने में लग जाती है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है कुल्लू के सैंजघाटी की यान दासी ने. यान दासी बंजार उपमंडल की रैला पंचायत के शरण गांव में एक साधारण परिवार से संबन्ध रखती हैं. दसवीं तक की पढ़ाई गांव के रैला स्कूल से की. यान दासी को एक लघुनाटिका में वकील का रोल मिला, जिसे उसने बड़ी शिद्दत से निभाय. इस रोल का लड़की के जीवन में इतना असर हुआ कि तब से वकील बनने की ही ठान बैठी.

हालांकि, पारिवारिक पृष्ठभूमि इतनी अच्छी नहीं थी कि घर वाले वकालत करवा पाते, लेकिन बेटी की जिद के आगे और उसके हौसले को देखकर माता-पिता ने भी अपनी बेटी के सपने को पूरा करने का मन बनाया. यान दासी के पिता रती राम भेड़ बकरियों को चराते थे, जबकि माता नाकु देवी गृहिणी है. कष्ट भरे जीवन में माता-पिता को लगा कि बेटी को कम से कम स्नातक तक की पढाई करवानी चाहिए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि बेटी यहां से आगे पढ़ने की भी जिद करेगी.

खैर माता-पिता ने बेटी की वकालत करने की फ़रमाईश को भी जैसे-तैसे पूरा करने फैसला लिया और यान दासी को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय केंद्र में वकालत के लिए भेज दिया और खुद जैसे-तैसे अपना गुजर-बसर करते रहे. दुर्भाग्य देखिये कि यान दासी के पिता अचानक बीमारी के कारण इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन यान दासी के हौसले को उसके भाई और माता ने कम नहीं होने दिया. परिणाम स्वरूप आज यान दासी वकालत करके यह साबित कर चुकी है कि मंजिल पाने के लिए कितना भी बड़ा पहाड़ क्यों न हो आख़िर वह बौना साबित हो जाता है.

यान दासी ने मीडिया को बताया कि परिवार व अध्यापकों के मार्गदर्शन की बदौलत उनकी वकालत की पढ़ाई पूरी हो गई, जिसका प्रमाण-पत्र हिमाचल प्रदेश बार काउन्सिल से उन्हें प्राप्त हुआ है. यान दासी ने बताया कि इस क्षेत्र की बारीकियों को जानने के लिए अभी और मेहनत करना चाहती है जिसके लिए अलग से कोचिंग भी ले रही है. उधर यान दासी की माता नाकु देवी तथा भाई लोतम राम ने बताया कि यान दासी पहली कक्षा से वकालत तक कभी फेल नहीं हुई और घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी और उन्हें खुशी है कि आज उनका सपना साकार हुआ.

क्या बोले प्रधान
रैला पंचायत की प्रधान खिला देवी में कहा कि रैला पंचायत की यानदासी एक साधारण परिवार में पली बढ़ी लडकी है. गरीब घर की लड़की ने वकालत की पढ़ाई उत्तीर्ण करके पंचायत का नाम रोशन किया है जिससे क्षेत्र के युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.

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