दिव्यांगों की सुविधा के लिए सरकारी कार्यालयों में लगेगी लिफ्ट: यूनुस

दिव्यांगों की सुविधा के लिए सरकारी कार्यालय में लगेगी लिफ्ट

दिव्यांगों की सुविधा के लिए सरकारी कार्यालय में लगेगी लिफ्ट

कुल्लू जिले में सरकारी गगनचुंबी इमारतों में चल रहे सरकारी विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय तक दिव्यांगों के पहुंचने के लिए इन कार्यालयों को सुविधाजनक बनाया जाएगा.

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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में सरकारी गगनचुंबी इमारतों में चल रहे सरकारी विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय तक दिव्यांगों के पहुंचने के लिए इन कार्यालयों को सुविधाजनक बनाया जाएगा. ताकि दिव्यांगों को इन कार्यालय तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो. इसलिए दिव्यांगों के लिए हर विभाग और प्रशासनिक कार्यालय को सुविधाजनक बनाने की योजना है.



बता दें कि आगामी जून 2019 तक जिला प्रशासन ने कुल्लू में मुख्यालय के 50 फीसदी कार्यालयों को दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य निधार्रित किया है. ताकि ऊंची-ऊंची इमारतों की चौथी और 5वीं मंजिल में खुले किसी भी विभाग के कार्यालय तक दिव्यांग आसानी से पहुंचकर अपना काम करा सकें.



गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में जितने भी सरकारी भवन हैं, उनमें कहीं कोई लिफ्ट नहीं लगी है. सिर्फ क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू और आयुर्वेदिक अस्पताल में ही लिफ्ट है, जबकि मिनी सचिवालय हो या फिर लोक निर्माण विभाग, आईपीएच, बिजली बोर्ड हो या फिर अन्य कोई भी विभाग पांच-छ: मंजिला भवनों में सिर्फ सीढ़ियां ही लगाई गई हैं. इससे दिव्यांगों को सरकारी कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है.





जिला मुख्यालय कुल्लू के सरकारी भवनों को दिव्यांगों की आवाजाही के लिए आसान बनाने को लेकर लोक निर्माण विभाग तमाम भवनों की सूची तैयार करेगा. इसके बाद सभी विभाग अपने-अपने कार्यालयों को दिव्यांगों की आवाजाही के लिए सुगम बनाएंगे. इसके लिए तमाम विभागों के अधिकारियों को डीसी कुल्लू ने ये निर्देश जारी कर दिए हैं.
उपायुक्त यूनुस कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को अपने कार्यालय-भवनों को विकलांगों की आवाजाही के लिए सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए हैं. सुगम्य भारत अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विकलांग सशक्तिकरण निदेशालय के निर्देशों की अनुपालना के संबंध में एक बैठक की अध्यक्षता भी हुई है, जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि विकलांगों के सशक्तिकरण और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों में उनकी आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए सुगम्य भारत अभियान चलाया गया है.



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