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VIDEO: बारिश से अब तक 13 मौतें, दूसरे दिन भी राहत और बचाव अभियान जारी

चंडीगढ़-मनाली हाईवे फिलहाल, मंडी से कुल्लू तक सुचारु हो गया है, लेकिन कुल्लू से मनाली तक आवाजाही बाधित है.

    हिमाचल प्रदेश में 21 से लेकर 23 सिंतबर तक हुई भारी बारिश और बर्फबारी ने सूबे को बेपटरी कर दिया है. बीते 8 साल में 2018 में मॉनसून ने जमकर कहर बरपाया है. आठ साल बाद मॉनसून सीजन में सबसे अधिक बारिश हुई है.

    अब तक प्रदेश में 13 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं करोड़ों रुपए की संपति पानी के साथ बह गई है. पूरे प्रदेश में जगह-जगह अब भी सैकड़ों की संख्या में लोग फंसे हुए हैं. सबसे ज्यादा लोग लाहौल घाटी में
    केलांग और आसपास के इलाकों में फंसे हैं.

    हिमाचल में सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू, चंबा और मंडी में हुआ है. चंडीगढ़-मनाली हाईवे फिलहाल, मंडी से कुल्लू तक सुचारु हो गया है, लेकिन कुल्लू से मनाली तक आवाजाही बाधित है.

    लाहौल घाटी में सैकड़ों लोग फंसे
    लाहुल स्पीति के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर 700 से अधिक पर्यटक फंसे हुए थे, इनमें से 305 लोगों को मंगलवार को रोहतांग टनल के जरिये भारतीय सेना ने निकाला है. बुधवार को भी बचे हुए फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंगलवार को इन इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है.

    इस सीजन में इतनी बारिश
    इस बार मॉनसून सीजन में अब तक 856.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. इससे पहले 2010 में 888.5 मिमी बारिश हुई थी. बीते तीन दिन में सूबे में 128 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है. जो पूरे मॉनसून में हुई बारिश का 18% है. ब्यास, रावी सतलुज समेत ज्यादातर नदियां व नाले खतरे के निशान पर पहुंच गई थी.

    चंबा में सबसे अधिक बारिश
    हिमाचल प्रदेश में रविवार से लेकर सोमवार शाम तक सबसे अधिक बारिश चंबा जिले में हुई है. चंबा के कालाटॉप में 225 एमएम, डलहौजी में 170एमएम, खैरी में 157 एमएम, कांगड़ा के देहरागोपीपुर में 121, बिलासपुर के नैना देवी में 120 एमएम, चंबा में 117, गुलेर में 112 और कांगड़ा के पालमपुर में 108 एमएम पानी बरसा है. शिमला में सोमवार को 53 एमएम, ऊना में 142, मनाली में 49 एमएम, मंडी में 32 एमएम बारिश हुई है.

    दो दिन स्कूल बंद रहे
    हिमाचल प्रदेश में सोमवार को सोलन और ऊना को छोड़कर दस जिलों में स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद थे. वहीं, मंगलवार को प्रदेश के 8 जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए थे चंबा के होली में कई स्कूलों के 1200 बच्चे और शिक्षक फंसे हुए हैं. यहां पर स्कूली खेल प्रतियोगिताएं चल रही थीं, जो 23 सितंबर को खत्म हो गईं, लेकिन रोड बंद होने की वजह से ये बच्चे और शिक्षक वहीं फंस हुए हैं. इन्हें ग्रामीणों और अन्य लोगों ने शरण दी है.

    अब तक क्या-क्या हुआ
    कुल्लू में बाढ़ की वजह से 21 लोगों को एयरफोर्स ने हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया है. यहां बस-ट्रक के अलावा दर्जन वाहन ब्यास नदी में बह गए हैं. अब भी लाहौल घाटी में 350 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की खबर है.

    14 साल बाद सितंबर में रोहतांग में बर्फबारी
    रोहतांग और लाहौल में सितंबर में 14 साल बाद इतनी बर्फबारी हुई है. लाहौल-स्पीति का संपर्क पूरे देश से कट गया है. मौसम विभाग के अनुसार, 26 सितंबर को प्रदेश से मॉनसून की विदाई होगी.

    कहां-कहां हुईं मौतें
    कुल्लू में गलू पुल के पास दो स्कूटी सवार पार्वती नदी में बह गए. बजौरा में 15 वर्षीय सुल्तान ब्यास में बह गई है. मणिकर्ण में पीणी में पहाड़ दरकने से दंपती चपेट में आ गए हैं, जिसमें महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई है और पति घायल है. चंबा में एक बच्ची नाले में बह गई है. कांगड़ा के ज्वाली में नाहड़ खड्ड में एक व्यक्ति बह गया और ऊना के गगरेट में एक जूस फैक्ट्री धराशायी हो गई है, जिसमें यूपी के युवक की मलबे में दबकर मौत हो गई है. ऊना में ही मकान के मलबे में दबकर बुजुर्ग की मौत की खबर है. वहीं, शिमला के चौपाल में मकान चट्टान गिरने से तीन लोगों की मौत हुई है. वहीं, बारलाचा के पास एक सैलानी की मौत की भी खबर है. इसके अलावा, किलिंग सराय में ठंड की वजह से एक महिला की मौत और बीआरओ के दो मजदूर घायल हैं.

    हिमाचल को अब तक 1280 करोड़ का नुकसान
    हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सीजन में बारिश से 1280 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन किया गया है. फिलहाल सोमवार सुबह तक सरकार को मिली रिपोर्ट के अनुसार, सूबे को बारिश के कारण 1280 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सबसे अधिक नुकसान प्रदेश की सड़कों को पहुंचा है.हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ है. कुल्लू और लाहौल स्पीति जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

    लाहौल घाटी से अब तक बचाए गए लोग
    लाहौल घाटी में अब भी 400 से 500 लोगों के फंसे होने की सूचना है. मंगलवार को भारतीय सेना और एयरफोर्स की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. पहले दिन 305 लोग रोहतांग टनल के जरिये मनाली लाए गए हैं. बुधवार को दूसरे दिन बचे हुए फंसे लोगों को रेस्क्यू करने की उम्मीद है.

    लोगों को फूड पैकेट फैंके
    लाहौल में 70 विदेशी, 80 बौद्ध भिक्षुओं सहित 500 पर्यटकों कों बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है. एयरफोर्स दस्ते ने 1,000 फूड पैकेटों को हेलीकॉप्टर की मदद से लोगों को पहुंचाया है. आईआईटी रुड़की के फंसे हुए 45 प्रशिक्षुओं का रेस्क्यू कर उन्हें मॉट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पहुंचा दिया गया है.

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