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हिमाचल में स्कूल खोलने के लिए अभिभावकों ने सरकार से की मांग, बताई ये बड़ी वजह

हिमाचल प्रदेश में अभिभावकों ने सरकार से स्कूल खोलने की मांग की है.

हिमाचल प्रदेश में अभिभावकों ने सरकार से स्कूल खोलने की मांग की है.

Himachal School Reopen Demand: अभिभावकों ने प्रदेश सरकार से स्कूलों को खोलने की मांग की है, कोरोना के चलते 2 साल से बच्चों की पढ़ाई हुई है प्रभावित, भूगोलिक दृष्टि से दूरदराज के क्षेत्रों में नटवर्क की दिक्कतें, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए हो रही परेशानी.

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कुल्लू. हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल के चलते 2 सालों से छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हुई है. ऐसे में एकतरफ जहां ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चे मोबाइल में दिन रात व्यस्त रहने से आंखों में प्रेशर पड़ रहा है. साथ ही मोबाइल में गेम्स और वीडियों देखने से बच्चों की पढ़ाई में रुचि नहीं ले रहे हैं. ऐसे में बच्चे दिमागी स्ट्रेस ले रहे हैं, जिसके कारण अधिकतर छोटे बच्चों को चश्मा लगवाना पड़ा है.

वहीं, दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों मे नटवर्क प्रॉब्लम की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिसके कारण छात्रों को  परेशानियों का सामान करना पड़ रहा है. यही नहीं, सबसे ज्यादा दिक्कतें उन गरीब छात्रों को झेलनी पड़ रही है जिनके पास स्मॉर्ट फोन न होने से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में छोटे बच्चों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है, जिसमें 1 से 5 वीं कक्षा तक के बच्चें सिर्फ मोबाईल फोन पर टाइम पास कर रहे हैं. ऐसे में अभिभावकों ने प्रदेश सरकार से स्कूलों को खोलने की मांग की है. जिससे देश के भबिष्य छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से संचलान हो सके.

महामारी का प्रकोप कम हुआ है, अब सरकार को स्कूल खोलने चाहिए

जिला परिषद सदस्य आशा ठाकुर ने कहाकि पिछले 2 सालों स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, लेकिन अब कोरोना महामारी प्रकोप कम हो गया है जिससे सरकार को स्कूलों को खोलने का निर्णय लेना चाहिए. ताकि कोविड-19 के एसओपी के हिसाब से स्कूलों में सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पढ़ाई शुरू कराई जाये. जिसके लिए 50 प्रतिशत छात्रों की अलग-अलग कक्षाए चलाई जायें. उन्होंने कहाकि दूर दराज के क्षेत्रों मे नटवर्क की वजह से पढ़ाई नहीं हो रहे है और छोटे बच्चें स्कूल जाना भूल गए है. उन्होंने कहाकि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आखों और दिमाग पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में सरकार को निर्णय लेना चाहिए.

दाे साल से बच्चों की पढ़ाई का बहुत नुकसान

जिला परिषद सदस्य विभा सिंह ने कहाकि कोरोना काल में स्थिति बहुत खराब हुई है. जिससे 2 सालों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है. आज कोरोना पर कुछ हद तक नियंत्रण पा लिया है. ऐसे में ऑनलाइन अच्छे पढ़ाई नहीं हो रही है, जिसमें सरकार को स्कूलों खोलने चाहिए, जिसके लिए सरकार को नियम बनाकर स्कूलों के ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होनी चाहिए. निजी स्कूल के प्रिसिंपल सुरेश कुमार ने बताया कि कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई के साथ साथ सेहत के साथभी नुकसान हो रहा है, बच्चे मोबाइल का ज्यादा प्रयोग कर रहा है. जिस कारण मेंटली स्ट्रेस ले रहे हैं. उन्होंने कहाकि बच्चे मोबाइल इतना ज्यादा उपयोग कर रहा है, जिससे कई तरह के साइडइफेक्ट हो रहा है. उन्होंने कहाकि स्कूल प्रबंधन और अभिभावक इसको लेकर बैठकर निर्णय लिया जा सकता है.

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