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खंमीगर ग्लेशियर से रेस्क्यू किये गये 10 सदस्यों को भेजा अस्पताल, फंसे दो शवों को ला रहे नीचे

खंमीगर ग्लेशियर से रेस्क्यू किये गये 10 सदस्यों को भेजा अस्पताल, फंसे दो शवों को ला रहे नीचे

हिमाचल प्रदेश के खंमीगर ग्लेशियर से रेस्क्यू किये गये 10  पर्वतारोहियों को अस्पताल भेजा गया है.

हिमाचल प्रदेश के खंमीगर ग्लेशियर से रेस्क्यू किये गये 10 पर्वतारोहियों को अस्पताल भेजा गया है.

Trekkers Stuck at Khamingar Glacier: खंमीगर ग्लेशियर पर दल के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं. उनके पास रहने और खाने पीने का समान पर्याप्त है. जिलाधीश नीरज कुमार ने बताया कि रेस्क्यू किये सदस्य काजा पहुंच गये हैं. काजा अस्पताल में उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है.

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  • News18Hindi
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    लाहौल स्पीति. खंमीगर ग्लेशियर पर ठहरे पर्वतारोही दल के रेस्क्यू किये गये 10 सदस्यों का काजा पहुंचाया गया, यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इनका प्राथमिक उपचार किया गया. इनमें एक शेरपा छह पोटर और तीन सदस्य थे. वहीं 10 सदस्यों को रेस्क्यू किया गया है. एक पोटर और एक सदस्य पहले से रेस्क्यू दल के साथ काह से ITBP कैंप के लिये गया था जोकि अब काजा पहुंच गया है. काजा में दल के 12 सदस्य पहुंच गये हैं. जबकि चार पोटर दो शवों के साथ खंमीगर ग्लेशियर से नीचे लाये जा रहे हैं. उन्हें आईटीबीपी बेस कैंप पर लाया जा चुका है.

    जिलाधीश नीरज कुमार ने बताया कि काजा पहुंचने पर दल के सदस्यों को प्राथमिक उपचार दिया गया है. इनमें से दो सदस्यों को फ्रास्ट बाईट हुआ था. सभी सदस्य स्वस्थ हैं. मैं रेस्क्यू दल में आईटीबीपी, डोगरा स्काउट और पोटर का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस रेस्क्यू आपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके साथ ही स्पिति प्रशासन के एडीएम और उनकी टीम ने समन्वय में काफी भूमिका निभाई है. जल्द ही दोनों शवों के साथ चार पोटरों को भी काजा रेस्क्यू करके लाया जाएगा. अभी आईटीबीपी के बेस कैंप पर पहुंच चुके हैं. एडीएम मोहन दत शर्मा ने सभी दल के सदस्यों का हाल जाना है. पश्चिम बंगाल के मंत्री से फोन के माध्यम से सदस्यों के बात हुई है.

    जानकारी के मुताबिक, 15 सिंतबर को बातल से 18 सदस्यीय दल रवाना हुआ है. इसमें 6 सदस्य, एक शेरपा और 11 पोटर थे. इनका ट्रेक बातल, बड़ा ग्लेशियर, खंमीगर ग्लेशियर यहीं से यूटर्न के साथ मनीकर्ण पहुंचना था. खंमीगर ग्लेशियर पहुंचने तक यह सात जगह रुके थे. बर्फबारी के कारण इन्होंने अपना आगे का सफर जारी नहीं रखा था. 24 सिंतबर जैसे ही 8वें प्वाइंट पर पहुंचे तो सदस्य संदीप ठाकुराता और भास्कदेव मुखोप्धाय पीछे रह गए थे. ये दोनो सदस्य टेंट तक पहुंच ही नहीं पाये तो शेरपा व एक अन्य पोटर पीछे गए और जिस स्थान पर दोनों रूके हुए थे. वहीं पर टेंट लगा दिया और उन्हें स्लीपिंग बैग के साथ टेंट में ठहरा कर वापिस आगे आ गए.

    25 सिंतबर को तीन पोटर उन दोनों को सदस्यों को देखने के लिए करीब सात बजे सुबह गये. लेकिन जब पहुंचे तो दोनों सदस्यों की मौत हो चुकी थी. तीनों पोटर वापिस पहुंचे और दल के अन्य सदस्यों को मृतकों की सूचना दी. फिर दल ने फैसला किया कि स्थानीय प्रशासन को इसके बारे में सूचित किया जाये और सदस्य अभिजीत के साथ पोटर जीवन को काजा तुरंत रवाना किया गया. इन दोनों को दो दिन काजा पहुंचने में लग गये.

    27 सिंतबर की सुबह दोनों ने एडीएम काजा के पास इस घटना के बारे में सूचना दी. इसके बाद ही प्रशासन ने आइटीबीपी, डोगरा स्काउट और पोटर का 32 सदस्यीय रेस्क्यू दल का गठन किया और पिन घाटी के काह गांव के लिए रवाना कर दिया. 28 सिंतबर को रेस्क्यू दल की एंडवास पार्टी को उक्त सदस्य रास्ते में मिल गये. इनमें से दो सदस्यों को फ्रोस्ट बाईट से ग्रसित थे. जिन्हें चलने में दिक्कत हो रही थी. लेकिन रेस्क्यू दल के सदस्यों ने कंधों का सहारा लेकर इन्हें काह तक लाया.

    Tags: Himachal pradesh, Lahaul Spiti, Manali news

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