VIDEO: मनाली-लेह हाईवे पर बादल फटने के बाद दिखा ‘पागल नाले’ का रौद्र रूप!

उपायुक्त लाहौल स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने घाटी में आने वाले पर्यटकों को सलाह दी है कि वह कोकसर और दारचा पुलिस चौकियों में सैलानी अपना नाम और पता दर्ज कराएं. ताकि किसी भी आपदा के समय राहत व बचाव कार्य में असुविधा न हो.

Sachin | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 13, 2018, 11:49 AM IST
Sachin
Sachin | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 13, 2018, 11:49 AM IST
हिमाचल प्रदेश के मनाली-लेह हाईवे पर बादल फटने का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में बादल फटने के बाद मनाली-लेह मार्ग पर केलांग से आगे जिंगजिंगबार नामक स्थान पर पागल नाले का रौद्र रूप देखने को मिला है.

जानकारी मिली है कि इस दौरान तीन मोटर साइकिल और एक वाहन मलबे की चपेट में आ गए थे, लेकिन जानी नुकसान की कोई सूचना नहीं है. सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग अवरूद्ध हो गया था, जिसे अब बहाल कर दिया गया है.

सोमवार सुबह लगभग 10 बजे लाहौल- स्पीति जिला के लेह मार्ग पर जिंगजिंगबार के पास बादल फटा था, जिससे पानी के साथ भारी मलबा व पत्थर सडक पर आ गए.

स्पीति मार्ग पर भी दिक्कतें बरकरार

बीआरओ ने तीन दिन बाद स्पीति मार्ग को भी बहाल कर दिया, लेकिन दोपहर बाद एक नाले में पानी बढने से यहां भी नाला आर-पार करना मुश्किल हो गया है. सोमवार दोपहर बाद भी स्पीति मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी. बीआरओ के कार्यकारी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल मयंक मेहता ने बताया कि स्पीति मार्ग की सडक को बहाल रखने के प्रयास किए जा रहे है.

छोटा दडा में पानी बढने से दिक्कतें बरकरार है. उन्होंने बताया कि मनाली-लेह मार्ग पर जिंगजिंगबार के पास अचानक सडक पर भारी भरकम मलबा और पानी सडक पर आ गया, जिससे सडक का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था. बता दें अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. न्यूज-18 इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

सुरक्षा चौकियों पर नाम दर्ज करवाएं सैलानी
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दिन के समय पारा बादने से जल स्तर मे वृद्धि होने से सड़क अवरूद्ध हो रहे हैं. इससे लाहौल घाटी व लेह जाने वाले पर्यटकों को असुविधा का सामना करना पड़ा है.

उपायुक्त लाहौल स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने घाटी में आने वाले पर्यटकों को सलाह दी है कि वह कोकसर और दारचा पुलिस चौकियों में सैलानी अपना नाम और पता दर्ज कराए. ताकि किसी भी आपदा के समय राहत व बचाव कार्य में असुविधा न हो.
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