पुण्यतिथि : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मनाली को अपना दूसरा घर मानते थे

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मनाली से गहरा नाता रहा और वह इसे अपना दूसरा घर मानते थे. वे अक्सर सूकून के पल बिताने यहां आया करते थे.

Sachin Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 16, 2019, 11:09 PM IST
पुण्यतिथि : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मनाली को अपना दूसरा घर मानते थे
मनाली के अलेउ में किया गया अटल स्मृति 2019 कार्यक्रम का आयोजन
Sachin Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 16, 2019, 11:09 PM IST
पर्यटन नगरी मनाली के अलेउ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वातारोहण संस्थान में आज भारत के पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि के दिन विशेष कार्यक्रम 'अटल स्मृति 2019' का आयोजन किया गया. इस मौके पर वन एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि अटल जी का मनाली से गहरा नाता रहा और वह इसे अपना दूसरा घर मानते थे. वे अक्सर सूकून के पल बिताने यहां आया करते थे. उन्होंने कहा कि मनाली के मॉल रोड पर अटल प्रतिमा का शिलान्यास किया गया है. कार्यक्रम का शुभारम्भ वन एवं परिवहन मंत्री  ने द्वीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद गोविन्द सिंह ठाकुर एवं मण्डी संसदीय सीट से सांसद रामस्वरूप शर्मा ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम के दौरान कुल्लू जिले के विभिन्न संस्थानों से आए विद्वानों ने अटल जी को याद करते हुए उनके साथ बिताये पलों को साझा किया और उनसे जुड़ी कविताओं पर प्रकाश डाला.

इस दौरान गोविन्द सिंह ठाकुर ने विभिन्न युद्धों में वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों के परिजनों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया. कार्यक्रम के पश्चात पत्रकारों से बात करते हुए गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि आज के इस अटल स्मृति 2019 कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी आने वाले थे. लेकिन खराब मौसम होने के चलते वे यहां नहीं आ सके.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मनाली से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रीणी गांव में अपना घर बनवाया था.


वाजपेयी ने प्रीणी गांव में अपना घर बनवाया था

बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी का मनाली से गहरा नाता रहा है और वह इसे अपना दूसरा घर समझते थे. स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को यहां की जगह इतनी पसंद थी कि उन्होंने यहां पर मनाली से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रीणी गांव में अपना घर बनवाया था. फिर जब भी वह मनाली आते थे तो अपने इसी घर में सुकून के पल बिताया करते थे. उनका कुल्लू के प्रति अपार स्नेह जगजाहिर है. वह जब भारत के प्रधानमंत्री थे तो उस समय उन्होंने लगभग दस दिन तक यहां से अपनी सरकार चलाई
थी.

प्रीणी गांव के लोगों को आज भी इस बात का गर्व है कि वे भारत के पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के पड़ोसी रहे. अटल बिहारी वाजपेयी जब तक स्वस्थ थे तबतक उनका यहां आना जाना लगा रहता था. वह अन्तिम बार वर्ष 2006 में मनाली स्थित प्रीणी में अपने घर आए थे. भारत के पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी बेशक आज इस दुनिया में नही हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी यहां के लोगों के दिलों में हमेशा जिन्दा है.
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First published: August 16, 2019, 11:09 PM IST
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