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रोहतांग दर्रा पार करने वालों की मदद करेंगे बचाव चौकियों में तैनात जवान

Sachin Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 16, 2019, 12:37 PM IST
रोहतांग दर्रा पार करने वालों की मदद करेंगे बचाव चौकियों में तैनात जवान
रोहतांग दर्रा पार करवाने के लिए हर वर्ष बचाव चौकियां स्थापित की जाती हैं.

पुलिस के जवान और पर्वतारोहण के सदस्यों ने मिलकर रोहतांग दर्रे (Rohtang Pass) से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मढ़ी में माइनस तापमान में अपनी बचाव चौकी स्थापित कर दी है. यह चौकी रोहतांग दर्रा पार करने वालों को हर संभव सहायता करेगी.

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मनाली. हिमाचल प्रदेश का जिला लाहौल स्पीति (Lahaul Spiti) प्रत्येक वर्ष सर्दियों के मौसम (Winter Season) में देश दुनिया से कट जाया करता है. ऐसी परिस्थति विश्व विख्यात रोहतांग दर्रे (Rohtang Pass) पर से गुजरने वाली मनाली लेह सड़क पर भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) होने के कारण उत्पन्न होती है. ऐसे में घाटी के लोग लगभग पांच महीनों के लिए बर्फ के रेगिस्तान में कैद हो जाते हैं. घाटी के निवासियों के पास विकल्प के तौर पर हवाई सेवा (Air Service) और रोहतांग टनल (Rohtang Tunnel) ही आने जाने का सहारा होती है. रोहतांग टनल पूर्ण रूप से तैयार नहीं होने के कारण आम जनता को टनल में से हो कर गुजरने की अनुमति नहीं है. सिर्फ इमरजेंसी वाहन (Emergency Vehicle) इस टनल से जा पाते हैं. ऐसे में घाटी में बर्फ के रेगिस्तान में फंसे लोग हर साल माइनस तापमान (Minus Temperature) में रोहतांग दर्रे को पैदल ही आर पार करने को मजबूर होते हैं.

बचाव चौकियों की स्थापना

इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन की तरफ से रोहतांग दर्रे को पैदल पार करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Security Arrangements) किए जाते हैं. इसी के चलते इस वर्ष भी रोहतांग दर्रा पैदल पार करने वालों के लिए प्रशासन की तरफ से दर्रे के दोनों ओर बचाव चौकियों को स्थापित किया गया है.

चौकियों पर किया जाएगा पंजीकरण

दर्रे को पार करने वाले लोगों को इन चौकियों पर अपना पंजीकरण करवाना होता है. इन चौकियों में पंजीकरण होने और मौसम के साफ होने के बाद ही लोगों को पैदल पार करने की अनुमति दी जाती है. इसी के चलते पुलिस के जवान और पर्वतारोहण के सदस्यों ने मिलकर रोहतांग दर्रे से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मढ़ी में माइनस तापमान में अपनी बचाव चौकी स्थापित कर दी है. यह चौकी रोहतांग दर्रा पार करने वालों को हर संभव सहायता करेगी. यह चौकी दिसंबर के अंत तक माइनस तापमान में पैदल रोहतांग दर्रा पार करने वालों को हर संभव मदद करेगी और दर्रे में फंसे वाहनों को भी निकालने में मदद करेगी.

घाटी में बर्फ के रेगिस्तान में फंसे लोग हर साल माइनस तापमान में रोहतांग दर्रे को पैदल ही पार करने को मजबूर होते हैं.


पैदल पार करते हैं रोहतांग दर्रा
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जानकारी देते हुए एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बताया कि बर्फबारी के दौरान लाहौल में रहने वाले लोग वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद पैदल ही रोहतांग दर्रे को पार करते हैं. उन लोगों को सुरक्षित दर्रा पार करवाने के लिए हर वर्ष बचाव चौकियां स्थापित की जाती हैं. बचाव चौकियों में तैनात जवान यात्रियों को सुरक्षित दर्रे को पार करवाएंगे. उन्होंने कहा कि मनाली की तरफ से आने वाले वाहनों का गुलाबा चेक पोस्ट में पंजीकरण किया जाएगा और उसके बाद मढ़ी में भी उनकी जांच की जाएगी. इसके बाद ही वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी.

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First published: November 16, 2019, 12:37 PM IST
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