लाहौल के किसानों को आलू करेगा मालामाल, पहली बार 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगी कीमत
अगर आलू की खेती सही तरीके से की जाए तो सालाना लाखों रुपए कमाया जा सकता है.
Lahaul Spiti’s Potatoes: साल 1966 में स्थापित एशिया की दूसरी बड़ी सोसाइटी एलपीएस साढ़े छह करोड़ के घाटे में चल रही है. इसे उबारने के लिए सोसाइटी अब कोशिश कर रही है.
- News18Hindi
- Last Updated: March 6, 2021, 12:35 PM IST
मनाली. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के लाहौल स्पीति के आलू (Potato) का डंका देश और विदेश में बजता है. अब यह आलू किसानों को भी मालामाल करेगा. इतिहास में पहली बार आलू की कीमत 4000 रुपए क्विंटल तक मिलने जा रही है. एशिया की दूसरी सबसे बड़ी सोसाइटी कही जाने वाली लाहौल पॉटेटो सोसायटी (Lahaul Patoto Society) के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने मनाली में एक पत्रकारवार्ता यह जानकारी दी.
पॉटेटो सोसायटी के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने कहा कि नई प्रबंन्धन समिति ने डूबती नैया को पार लगाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार लाहौल के किसानों को कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी ज्योति और कुफरी हिमानी प्रजाति 4000 रुपए प्रति क्विंटल, सन्थाना 2800 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि खाने के लाल आलू की कीमत 2400 रुपये तय है.
उन्होंने बताया कि अब लाहौल के किसानों को सोसायटी के कामकाज के लिए मनाली नहीं आना पड़ेगा. सोसायटी कारगा में ही अपना दफ्तर खोलने जा रही है. जस्पा ने बताया कि एलपीएस पिछले कई साल से लगातार अपनी साख को खो रहा था और अब नई प्रबंधन समिति आगे बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है. सोसायटी ने कोविड़ काल मे भी बेहतर प्रयास कर किसानों को पहली बार आलू की फसल के उम्दा दाम दिए हैं. पहली बार सोसायटी प्राइवेट कपंनियों की अपेक्षा आलू के बेहतर दाम देने में सफल रही है.घाटे में चल रही सोसायटी की भरपाई को कड़े कदम उठाए जा रहे है. उन्होंने कहा कि किसानों के हित सोसायटी के लिए सर्वोपरि है. घाटे में चल रहे सभी प्रोजेक्ट को गम्भीरता से लिया जा रहा है. बोर्ड के सभी सदस्यों ने किसानों की सहमति से घाटे में चल रहे होटल चंद्रमुखी को बंद कर अस्पताल के लिए 42 लाख प्रति वर्ष किराये पर दे दिया है और इससे सोसायटी को लाभ हुआ है.
बोर्ड के सभी सदस्यों ने सोसायटी के प्रयोग में न आने वाले भवनों को बेचने का निर्णय लिया है. कारगा तथा उदयपुर में खाद की दो होल सेल दुकानें खोली है, जिसमें अन्य दुकानों से सस्ती खाद मिल रही है. सुर्दशन जस्पा ने कहा कि कोरोना काल में लाहौली किसानों में असमंजस की स्थिति थी कि उनकी आलू की फसल बिकेगी या नहीं? पहली बार अटल टनल खुलने के बाद छुरपक पेट्रोल पंप सर्दियों में भी खोल कर रखा गया है. उन्होंने कहा कि 1966 में स्थापित एशिया की दूसरी बड़ी सोसाइटी एलपीएस साढ़े छह करोड़ के घाटे में चल रही है.
पॉटेटो सोसायटी के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने कहा कि नई प्रबंन्धन समिति ने डूबती नैया को पार लगाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार लाहौल के किसानों को कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी ज्योति और कुफरी हिमानी प्रजाति 4000 रुपए प्रति क्विंटल, सन्थाना 2800 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि खाने के लाल आलू की कीमत 2400 रुपये तय है.
अब किसानों को मनाली नहीं आना पड़ेगा
उन्होंने बताया कि अब लाहौल के किसानों को सोसायटी के कामकाज के लिए मनाली नहीं आना पड़ेगा. सोसायटी कारगा में ही अपना दफ्तर खोलने जा रही है. जस्पा ने बताया कि एलपीएस पिछले कई साल से लगातार अपनी साख को खो रहा था और अब नई प्रबंधन समिति आगे बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है. सोसायटी ने कोविड़ काल मे भी बेहतर प्रयास कर किसानों को पहली बार आलू की फसल के उम्दा दाम दिए हैं. पहली बार सोसायटी प्राइवेट कपंनियों की अपेक्षा आलू के बेहतर दाम देने में सफल रही है.घाटे में चल रही सोसायटी की भरपाई को कड़े कदम उठाए जा रहे है. उन्होंने कहा कि किसानों के हित सोसायटी के लिए सर्वोपरि है. घाटे में चल रहे सभी प्रोजेक्ट को गम्भीरता से लिया जा रहा है. बोर्ड के सभी सदस्यों ने किसानों की सहमति से घाटे में चल रहे होटल चंद्रमुखी को बंद कर अस्पताल के लिए 42 लाख प्रति वर्ष किराये पर दे दिया है और इससे सोसायटी को लाभ हुआ है.
भवनों को लीज पर देने का फैसला
बोर्ड के सभी सदस्यों ने सोसायटी के प्रयोग में न आने वाले भवनों को बेचने का निर्णय लिया है. कारगा तथा उदयपुर में खाद की दो होल सेल दुकानें खोली है, जिसमें अन्य दुकानों से सस्ती खाद मिल रही है. सुर्दशन जस्पा ने कहा कि कोरोना काल में लाहौली किसानों में असमंजस की स्थिति थी कि उनकी आलू की फसल बिकेगी या नहीं? पहली बार अटल टनल खुलने के बाद छुरपक पेट्रोल पंप सर्दियों में भी खोल कर रखा गया है. उन्होंने कहा कि 1966 में स्थापित एशिया की दूसरी बड़ी सोसाइटी एलपीएस साढ़े छह करोड़ के घाटे में चल रही है.








