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मंडी: बजट के अभाव में नए घरों के अनुदान के लिए 5.5 हजार लोगों को करना पड़ रहा इंतजार

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 29, 2019, 9:25 AM IST
मंडी: बजट के अभाव में नए घरों के अनुदान के लिए 5.5 हजार लोगों को करना पड़ रहा इंतजार
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में गृह अनुदान योजना के तहत साढ़े पांच हजार केस पेडिंग हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मंडी में गृह अनुदान योजना के तहत साढ़े पांच हजार केस पेडिंग हैं. बजट के अभाव में यह केस लटके हुए हैं.

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मंडी. हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में गृह अनुदान योजना के तहत साढ़े पांच हजार केस पेडिंग हैं. अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम सशक्तिकरण विभाग की इस योजना के तहत जिला कमेटी ने इन केसों को स्वीकृति तो प्रदान कर दी है, लेकिन बजट के अभाव में यह केस लटके हुए हैं. इसका खुलासा शनिवार को डीआरडीए सभागार में प्रेेस से मिलिए कार्यक्रम के दौरान विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए हुआ. वित्त वर्ष 2018-19 की बात की जाए तो गृह अनुदान योजना के तहत कुल 262 केस को अनुदान दिया गया है, जिन पर तीन करोड़ 32 लाख रूपये खर्च किया गया. इनमें अनुसूचित जाति के 215, अनुसूचित जनजाति के 10 व अन्य पिछड़ा वर्ग के 37 केस शामिल है, जबकि लक्ष्य 179 केसों का था.

इतने मामले अभी लंबित पड़े हैं

वर्तमान में अनुसूचित जाति के 5114, एसटी के 106 व ओबीसी वर्ग के 360 केस पेडिंग हैं. ऐसे में नए घर के निर्माण के लिए अनुदान राशि के लिए लोगों का इंतजार बढ़ता जा रहा है. विभागीय अधिकारियों की मानें तो लंबित केसों की पूर्ति के लिए सरकार को पत्राचार किया गया है और बजट की मांग की गई है. डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि गृह अनुदान योजना में लोगों की अधिक मांग है.

कल्याण विभाग में सबसे अधिक खर्चा पेंशन के मामलों में होता है: ऋग्वेद ठाकुर, डीसी

ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि कल्याण विभाग में सबसे अधिक खर्चा पेंशन के मामलों में होता है. 70 वर्ष आयु पूरी कर चुके वृद्धों के दस हजार नए मामले जुड़े हैं, जिन्हें सरकार के आदेशानुसार बिना किसी आय प्रमाण पत्र के वृद्धा पेंशन मुहैया करवाई जा रही है.

Rigved Thakur-ऋग्वेद ठाकुर
ऋग्वेद ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि अब आने वाले समय में जिला के गांवों में मनरेगा के माध्यम से नए और बेहतर भवन या अन्य प्रकार की संपत्ति बनाई जाएगी.


बता दें कि जिला मंडी में कल्याण विभाग के तहत वर्ष 2018-19 में 116 करोड़ रूपये और वर्ष 2019-20 में 31 अगस्त तक 59 करोड़ रूपये धनराशि विभिन्न योजनाओं के तहत खर्च की जा चुकी है. इसमें सबसे अधिक धनराशि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में खर्च की गई है. एक जनवरी 2018 से अब तक जिला मंडी में 24394 नई पेंशन स्वीकृति की गई है, जिनमें से 9985 पेंशन 70 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए हैं.
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'मनरेगा के तहत नए और बेहतर भवनों का निर्माण होगा'

वहीं उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि अब आने वाले समय में जिला के गांवों में मनरेगा के माध्यम से नए और बेहतर भवन या अन्य प्रकार की संपत्ति बनाई जाएगी. उन्होने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने गांव से संबधित हर प्रकार के विकास कार्य को 2 अक्तूबर को ग्राम सभा में पहुंच कर शेल्फ में डलवाएं.

डीसी ने किया ग्राम सभा को सफल बनाने की अपील

उन्होने बताया कि बरसात के कारण हुए खेतों के नुकसान आदि की भरपाई भी मनरेगा के माध्यम से करवाई जा सकती है. इसके साथ ही भूमि सुधार, गांवों में खेल मैदानों का निर्माण, बालिका उद्यान बनाना भी शामिल है. उन्होने बताया कि मनरेगा में विकास कार्यों को करवाने के कई साधन हैं जिसके माध्यम से विकास की गति को जिला में और बढावा मिलेगा. उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने सभी जनता से 2 अक्तूबर को होने वाली ग्राम सभा को सफल बनाने का आह्वान किया है.

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First published: September 29, 2019, 9:25 AM IST
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