निष्कासन के बाद बोले MLA अनिल शर्मा-जो वर्कर चाहेंगे, अब वही होगा

अनिल शर्मा (Anil Sharma) के बेटे आश्रय शर्मा ने भाजपा (Bjp) के इस निर्णय की निंदा की है. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी भाजपा के खिलाफ या उनके पक्ष में काम नहीं किया.

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 5:10 PM IST
निष्कासन के बाद बोले MLA अनिल शर्मा-जो वर्कर चाहेंगे, अब वही होगा
अनिल शर्मा (Anil Sharma) के बेटे आश्रय शर्मा ने भाजपा (Bjp) के इस निर्णय की निंदा की है. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी भाजपा के खिलाफ या उनके पक्ष में काम नहीं किया.
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 14, 2019, 5:10 PM IST
हिमाचल सरकार में पूर्व मंत्री एवं मंडी के सदर विधायक अनिल शर्मा का कहना है कि उनके कार्यकर्ता जो चाहेंगे, वही होगा. अगर कार्यकर्ता चाहेंगे कि वह राजनीति में रहें तो रहेंगे अन्यथा साइड हो जाएंगे. भाजपा से निष्कासन के बाद अनिल शर्मा ने मंडी में मीडिया कर्मियों से बातचीत में यह कहा. अनिल शर्मा ने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अगर उनके निष्कासन की बात कह रहे हैं तो पार्टी ने यह निर्णय लिया होगा, लेकिन उन्हें अभी तक पार्टी की तरफ से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है.

वर्कर जो कहेंगे, वही होगा
दोबारा कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल के जबाव में अनिल शर्मा ने कहा कि उनके समर्थक और कार्यकर्ता जो भी तय करेंगे, वह उसका सम्मान करेंगे. यदि कार्यकर्ता चाहेंगे कि भविष्य में वह राजनीति न करें तो वह पीछे हटने को भी तैयार रहेंगे. अनिल शर्मा ने कहा कि वह आज जो कुछ भी हैं, सदर की जनता की बदौलत हैं और ऐसे में अब वह सदर के विधायक के रूप में अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे.

सीएम का जताया आभार

अनिल शर्मा ने एक मंत्री के रूप में सरकार की तरफ से मिले सहयोग के लिए सीएम जयराम ठाकुर का आभार भी जताया. उन्होंने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर ने मंत्री के नाते उनके क्षेत्र में विकास करवाने का जो प्रयास किया, उसके लिए वह उनके आभारी रहेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉनसून सत्र के दौरान अब वह अलग से बैठकर अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाएंगे और उनका समाधान करवाने का प्रयास करेंगे.

अनिल शर्मा के बेटा आश्रय ये बोला
अनिल शर्मा के स्पुत्र आश्रय शर्मा ने भाजपा के इस निर्णय की निंदा की है. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी भाजपा के खिलाफ या उनके पक्ष में काम नहीं किया. भाजपा के नेता चुनावों के दौरान से ही उनके पिता का निरादर करते आ रहे थे और यही कारण है कि अब उन्हें पार्टी से निकाला गया है. आश्रय शर्मा ने कहा कि भाजपा ने ऐसा करके अपनी मंशा साफ जाहिर कर दी है कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है.
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बेटा और पिता कांग्रेस में
बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान अनिल शर्मा अपने पूरे परिवार के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे. पूर्व की वीरभद्र सरकार में अनिल शर्मा मंत्री थे और मौजूदा जयराम सरकार में भी उन्हें मंत्री बनाया गया था. लोकसभा चुनावों तक सबकुछ ठीक चलता रहा लेकिन लोकसभा चुनावों के दौरान जब आश्रय शर्मा को भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो आश्रय और उनके दादा पंडित सुखराम ने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके बाद अनिल शर्मा पर चौतरफा दबाव बढ़ता गया और उन्हें लोकसभा चुनावों के दौरान मंत्रीपद से इस्तीफा देना पड़ा. हालांकि उन्हें भाजपा ने पार्टी से नहीं निकाला था लेकिन अब मॉनसून सत्र से पहले इस काम को भी कर दिया है.

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First published: August 14, 2019, 5:03 PM IST
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