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बादल परिवार के स्वामित्व वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी ने खरीदी हिमाचल की वॉल्वो बसें
Mandi News in Hindi

Nitesh Saini | News18Hindi
Updated: March 19, 2018, 3:00 PM IST
बादल परिवार के स्वामित्व वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी ने खरीदी हिमाचल की वॉल्वो बसें
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अनंत ठाकुर, महासचिव का कहना है कि लग्जरी बस ऑपरेटरों को बसों के अच्छे दाम मिले हैं. बिना जोर जबरदस्ती, अपनी मर्जी से बसों के खरीदने-बेचने के समझौते किए गए है.

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  • Last Updated: March 19, 2018, 3:00 PM IST
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पंजाब के बादल परिवार की कंपनी ऑर्बिट रिजोर्ट लिमिटिड के अधीन इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट द्वारा हिमाचली ऑपरेटरों सहित बाहरी राज्यों के ओपरेटरों से दिल्ली से जम्मू, कटड़ा, श्रीनगर, मनाली, शिमला, धर्मशाला, डलहौजी, देहरादून रुट पर चलाई जाने वाली अधिकतर वॉल्वो, स्कानिया, मर्सिडीज औक अन्य लग्जरी बसों की खरीद को करोड़ों रुपए में एग्रीमेंट किए हैं.

इनमें से अधिकाश ऑपरेटरों को मोटी रकम पेशगी के रूप में दे दी गई है. इन एग्रीमेंट के तहत इकत्तीस मार्च तक बकाया राशि का भुगतान किया जाना है और इससे पूर्व ऑपरेटरों को अपनी बसों को इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट कम्पनी को सौंपना होगा. वहीं समझोते के तहत अब यह ऑपरेटर ना तो हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में स्वयं व अपनी फर्म के नाम पर कारोबार नहीं कर पाएंगे, ना ही अप्रत्यक्ष तौर पर इस कारोबार में शामिल होंगे.

एकाधिकार करना है मकसद
बादल परिवार की कंपनी इंडो-कैनेडियन ट्रांसपोर्ट द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए करोड़ों के बस खरीद समझोतों से यह माना जा रहा है कि छोटे-मोटे बस ऑपरेटर को इस धंधे से हटा कर एकाधिकार स्थापित करना है, ताकि आने वाले समय में कोई सबंधित रूट पर कोई प्रतिस्पर्धा व चुनोती ना हो.

पुरानी लग्जरी बसों के भी मिले चार गुना दाम
इंडो-क़ेनेडियन ट्रांसपोर्ट के अरबों रुपये में किए बस सौदों में पुरानी बसों के ऑपरेटरो की खूब चांदी हुई है. जानकारी के अनुसार, 5 से 10 साल पुरानी बसें, जिनका मौजूदा मूल्य 10 से 20 लाख है, उन्हें भी 50 से 80 लाख तक के सौदे हुए.

‘कोई जोर-जबरदस्ती नहीं हुई है’ लाजवन्ती शर्मा, अध्यक्ष मनाली सुपर लग्जरी वॉल्वो ओनर्स एसोसिएशन ने कहा कि एसोसिएशन पुरानी लग्जरी बसों को चलाने की इजाजत किसी भी सूरत में नहीं देगी. समय अवधि समाप्त कर चुकी बसों की मैंबरशिप खत्म कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.

अनंत ठाकुर, महासचिव का कहना है कि लग्जरी बस ऑपरेटरों को बसों के अच्छे दाम मिले हैं. बिना जोर जबरदस्ती अपनी मर्जी से बसों के खरीदने-बेचने के समझौते किए गए है.

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First published: March 19, 2018, 3:00 PM IST
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