Ramswaroop Sharma Death LIVE: पैतृक गांव जलपेहड़ पहुंचा दिवंगत सांसद का पार्थिव शरीर

दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए अनुराग ठाकुर.

दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए अनुराग ठाकुर.

Ram Swaroop Sharma Suicide Case: रामस्वरूप शर्मा का जन्म 10 जून 1958 को हुआ था. राजनीति में कदम रखने से पहले वह सरकारी नौकरी करते थे. बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ी और फिर राजनीति के दंगल में उतर गए थे.

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  • Last Updated: March 18, 2021, 10:08 AM IST
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मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से दिवंगत लोकसभा सांसद रामस्वस्वरूप शर्मा का पार्थिव शरीर दिल्ली से पैतृक गांव जलपेहड़ (जोगिंद्रनगर) लाया गया है. सुबह साढ़े आठ बजे के करीब उनका पार्थिव शरीर यहां लाया गया है. बड़ी संख्या में स्थानीय और सियासी लोग मौके पर पहुंचे हुए हैं. उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है.

वहीं, सीएम जयराम ठाकुर भी मंडी के सांसद को अंतिम विदाई देने के लिए जोगिंद्रनगर पहुंच रहे हैं. इससे पहले, बुधवार रात नौ बजे के करीब पोस्टमार्टम के बाद सांसद का पार्थिव शरीर दिल्ली से मंडी के लिए रवाना किया गया था. इस दौरान सांसद का बेटा, पत्नी और परिजन मौजूद थे.

नड्डा समेत कई लोगों ने दी श्रद्धंजलि

इससे पहले, बुधवार शाम को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, के अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा सांसद इंदू गोस्वामी के अलावा कई सियासी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धाजंलि दी और बाद में उनके पार्थिव शरीर को मंडी के लिए रवाना किया गया. अब गुरुवार को 11 बजे उनके शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
जेपी नड्डा ने रामस्वरूप को श्रद्धांजलि अर्पित की है.


क्या बोला बेटा

सांसद राम स्वरूप शर्मा के बेटे आनंद स्वरूप ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में बताया कि उनके पिताजी की मौत की सही वजह पुलिस जांच में ही सामने आ सकती है. उन्हें भी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और दिल्ली पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है. वहीं, कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने पूरे मामले को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है.



शिवरात्रि के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द

मंडी में अंतरराष्टीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि सांसद के निधन के चलते शिवरात्रि के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया है. हालांकि धार्मिक महत्व की सभी गतिविधियां यथावत आयोजित होंगी. मेले में आयोजित की जा रही खेल व देवलु नाटी व देव बजंतरी प्रतियोगिताओं को भी रद्द कर दिया गया है.
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