SDM ऑफिस विवाद : मंडी दौरे के दौरान सीएम दिखाए जाएंगे काले झंडे!

सीएम वीरवार को दो बजे मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव का आगाज करेंगे. ऐसे में उन्हें इस विवाद के चलते विरोध का सामना करना पड़ सकता है.सराज संघर्ष समिति ने इस बात के संकेत दिए हैं.

News18Hindi
Updated: February 15, 2018, 11:11 AM IST
SDM ऑफिस विवाद : मंडी दौरे के दौरान सीएम दिखाए जाएंगे काले झंडे!
CM Jai Ram Thakur, Himachal Pradesh.
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Updated: February 15, 2018, 11:11 AM IST
मंडी के जैंजहली में एसडीएम ऑफिस विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. वीरवार को मंडी दौरे पर आ रहे सीएम जयराम ठाकुर को यहां विरोध का सामना करना पड़ सकता है. विरोध करने वाले कोई और नहीं, बल्कि सीएम के गृहक्षेत्र जंजैहली की लोग हो सकते हैं.

दरअसल, सीएम वीरवार को दो बजे मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव का आगाज करेंगे. ऐसे में उन्हें इस विवाद के चलते विरोध का सामना करना पड़ सकता है.सराज संघर्ष समिति ने इस बात के संकेत दिए हैं.

बुधवार को सीएम जयराम ठाकुर के पुतले की शवयात्र निकालने के बाद समिति की बैठक जंजैहली में हुई, जिसमें आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई. बैठक में अधिकतर लोगों ने वीरवार को मंडी जाकर सीएम को काले झंडे दिखाने की बात कही. समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रेड्डी ने बताया कि लोगों ने अपने स्तर पर जाकर ऐसा विरोध करने की बात जरूर कही है, लेकिन समिति की तरफ से ऐसे विरोध की कोई रूपरेखा नहीं बनाई गई है.

मंडी शहर से बाहर होगा प्रदर्शन

जंजैहली से मंडी आ रहे लोगों ने काले झंडे दिखाने का कार्यक्रम मंडी शहर से बाहर करने का निर्णय लिया है, ताकि यहां जारी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में कोई खलल न पड़े. हालांकि, अब तक यह तय नहीं कि यह विरोध कहां और कैसे किया जाएगा. सीएम के टुअर प्रोग्राम के अनुसार उनका हैलिकाप्टर सुंदरनगर में लैंड करेगा. यहां से वह सड़क मार्ग होते हुए मंडी पहुंचेंगे. संभवतः इसी दौरान रास्ते में सीएम को काले झंडे दिखाए जा सकते हैं.

इस बात की भनक सुरक्षा एजैंसियों को भी लग गई है और जिला का प्रशासन और पुलिस पुरी तरह से सक्रिय हो गई हैं.

सीएम के फोन पर संबोधन के बाद भी नहीं बनी बात
बुधवार को सीएम जयराम ठाकुर ने फोन के माध्यम से जंजैहली के लोगों को संबोधित भी किया, लेकिन लोग सीएम की बात से पूरी तरह असंतुष्ट नजर आए और विरोध को जारी रखने का ऐलान किया. सीएम ने जंजैहली के लोगों को कोई दूसरा बड़ा संस्थान देने की पेशकश की थी, लेकिन लोगों ने इसे सिरे से खारिज करते हुए एसडीएम कार्यालय को यहीं पर रखने की मांग उठाई.

सराज के कुछ लोगों ने विरोध स्वरूप अपने बच्चों को स्कूल न भेजने का निर्णय भी लिया है. वहीं सराज संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रेड्डी ने बताया कि कुछ दिनों में इस विषय को लेकर शिमला जाने का निर्णय लिया जा रहा है, ताकि वहां पर सीएम से स्पष्ट बात की जा सके. समिति अभी अपने आगामी आंदोलनों की रूपरेखा बनाने का प्रयास कर रही है.
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