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मंडी उपचुनाव: ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, उनके बनाये संगठन ने विरोध में खोला मोर्चा

मंडी उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती लग रही हैं.

मंडी उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती लग रही हैं.

Mandi By-Election: भाजपा के प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की मंडी चुनाव में मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि उनके द्वारा बनाया एक संगठन उनसे नाराज है और उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गया है. खुशाल ठाकुर ने फोरलेन निर्माण से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान, उनकी आवाज उठाने के लिये संगठन का गठन किया था.

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मंडी. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मंडी संसदीय सीट पर उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर (Brigadier Khushal Thakur) की मंडी चुनाव में मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि उनके द्वारा बनाया गया एक संगठन उनसे नाराज है और उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गया है. खुशाल ठाकुर (khushal Thakur) ने फोरलेन निर्माण से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान, उनकी आवाज उठाने के लिये एक संगठन का गठन किया था.

हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के प्रदेश अध्यक्ष बीआर कौंडल ने मंडी संसदीय उपचुनाव को लेकर पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि पहले फोरलेन आंदोलन को खड़ा करने के ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने अहम भूमिका निभाई है, लेकिन प्रदेश सरकार ने फोरेलन प्रभावितों के आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए उन्हें पहले सैनिक कल्याण बोर्ड का चैयरमैन नियुक्त कर दिया और अब मंडी संसदीय उपचुनाव के लिए टिकट दे दिया. इसके बाद भी यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा. हम इसे रुकने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रेलवे, बल्ह हवाई अड्डा और फोरलेन के बनने से कई बीघा कृषि योग्य भूमि प्रभावित हो रही है.

आगामी रणनीति पर भी ऐलान करेगा
बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने प्रदेश सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने फोरलेन, बल्ह हवाई अडडा, रेलवे प्रभावितों के मुददों पर गौर नहीं किया तो मंच 22 अक्टूबर को मंडी में होने वाली विशाल रैली में आगामी रणनीति पर भी ऐलान करेगा. जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार पर होगी. मंच ने सरकार से भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को शीघ्र लागू करने की मांग की है.

उन्हें मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं
मंच के प्रदेशाध्यक्ष रिटायर प्रशासनिक अधिकारी बीआर कौंडल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश भाजपा की सरकार ने अपने पिछले चुनावी घोषणा पत्र में फोरलेन प्रभावितों के लिए भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को लागू करने का वादा किया था, लेकिन आज चार वर्ष बीत जाने के बावजूद भी प्रदेश सरकार इस कानून को लागू नहीं कर पाई है. बल्कि इस मामले में चौथी बार कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जा चुकी है. उन्हें मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं.

मुआवजा का निपटारा शीघ्र करना आदि मांगे शामिल हैं
वहीं मंडी जिले की बल्ह वैली में प्रस्तावित हवाई अड्डा प्रभावितों के पुर्नवास के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है. इस अवसर पर मंच के संयोजक जोगेंद्र वालिया, हिमाचल प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष व पूर्व विधायक केके कौशल, हिमालय नीति अभियान के गुमान सिंह ने भी पत्रकारवार्ता को संबोधित किया. उन्होंने सरकार से भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को पूर्णतया लागू करना. भूमि मुआवजा बाजार भाव से तय करना. भूमि व मकानों के मुआवजा का निपटारा शीघ्र करना आदि मांगे शामिल हैं.

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