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IIT मंडी में छठे दीक्षांत समारोह में 211 छात्रों को दी गई डिग्रियां, दो को मिले गोल्ड मेडल

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 29, 2018, 8:08 PM IST
IIT मंडी में छठे दीक्षांत समारोह में 211 छात्रों को दी गई डिग्रियां, दो को मिले गोल्ड मेडल
छठे दीक्षांत समारोह में उ​पस्थित छात्रगण

हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित आईआईटी में सोमवार को छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह में आईआईटी मद्रास के निदेशक पद्म श्री प्रो. अशोक झुनझुनवाला ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया.

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हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित आईआईटी में सोमवार को छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह में आईआईटी मद्रास के निदेशक पद्म श्री प्रो. अशोक झुनझुनवाला ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया. उनके साथ लद्दाख निवासी सुप्रसिद्ध इंजीनियर सोमन वांगचुक ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई.

छठे दीक्षांत समारोह में आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. टीमोथी ए.गोंजाल्विस ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और आए हुए मेहमानों का स्वागत किया. समारोह के अतिथि प्रो. अशोक झुनझुनवाला ने अपने संबोधन में आईआईटी मंडी द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा कि आईआईटी एक ऐसा संस्थान हैं जहां से पढ़कर निकलने वाले छात्र उत्कृष्ट होते हैं. ऐसे में आईआईटी के पास देश की हर समस्या का समाधान होना चाहिए. यहां से पढ़कर निकले छात्र यह नहीं कह सकते हैं कि कोई काम उनके लिए असंभव है. यदि वे ऐसा कहते हैं तो फिर आईआईटी जैसा संस्थान फेल हो जाएगा.

उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि आज देश के आईआईटी संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले बहुत ही कम छात्र विदेश जा रहे हैं. अधिकतर अपने देश में भी आधुनिक तकनीकों को इस्तेमाल करके अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

छठे दीक्षांत समारोह में 211 विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी गई. इसमें 29 पीएचडी, 11 एमएस (रिसर्च), 28 एमएससी (रसायन विज्ञान), 11 एमएससी गणित, 20 एम.टेक और 112 बी.टेक की डिग्रियां शामिल हैं. आईआईटी से पासआउट हो चुके नेहा मुथियन और सिद्धांत कुमार को संयुक्त रूप से राष्ट्रपति गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया.

नेहा मुथियन ने क्लाउड सिस्टम के क्रैश को रोकने के लिए एक रिसर्च किया और उसपर एक सॉफ्टवेयर भी तैयार किया है. अभी नेहा निजी कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रही हैं और आगे भी इसी क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहती हैं.

सिद्धांत कुमार ने क्लस्टर मशीन के फेल होने की पूर्व जानकारी हासिल करने के लिए रिसर्च किया. सिद्धांत भी एक निजी कंपनी में विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और आगे वह हायर एजुकेशन की तरफ बढ़ना चाहते हैं. दोनों की इस कामयाबी को देखते हुए इन्हें संयुक्त रूप से प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया.यह भी पढ़ें: किन्नौर महोत्सव के लिए पुलिस चाक-चौबंद, गीत व नृत्य की बड़ी हस्तियां करेंगी परफॉर्म

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First published: October 29, 2018, 8:07 PM IST
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