लाइव टीवी

मांगों की अनदेखी पर भड़की डिपो संचालक समिति, दी हड़ताल की चेतावनी

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 4, 2019, 6:43 PM IST
मांगों की अनदेखी पर भड़की डिपो संचालक समिति, दी हड़ताल की चेतावनी
जम्मू कश्मीर, केरल, गोवा व तमिलनाडु की तरह डिपो संचालकों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग

सम्मेलन में निर्णय लिया गया है कि यदि मांगों की अनदेखी की जाती रही तो डिपो संचालक आने वाले समय में प्रदेश भर में धरना (Dharna) प्रदर्शन कर हड़ताल (Strike) करेंगे.

  • Share this:
मंडी. प्रदेश डिपो संचालक समिति (State Depot Governing Committee) ने मंडी (Mandi) में सोमवार को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर अपनी मांगों व आगामी रणनीति को लेकर मंथन किया. सम्मेलन में निर्णय लिया गया है कि यदि मांगों की अनदेखी की जाती रही तो डिपो संचालक आने वाले समय में प्रदेश भर में धरना (Dharna) प्रदर्शन कर हड़ताल (Strike) करेंगे. इसके अलावा राशन न उठाने, चक्का जाम करना, मंत्रियों का घेराव आदि कदम भी समिति उठा सकती है. सम्मेलन के बाद समिति ने डीसी मंडी के माध्यम से सीएम जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) को अपना मांग पत्र भी भेजा.

सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग

प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि ने बताया कि समिति ने कई बार सीएम के पास अपनी मांगें रखीं, लेकिन अभी तक उन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पाई है. उनकी मांगे लंबित पड़ी हैं. उन्होंने बताया कि डिपो धारक प्रदेश के साथ केंद्र सरकार का राशन भी बांट रहे हैं, लेकिन दोनों ही सरकारों ने उनके बारे में अभी तक कुछ नहीं सोचा है. उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से उनकी मांगों में जम्मू कश्मीर, केरल, गोवा व तमिलनाडु की तरह डिपो संचालक को सरकारी कर्मचारी घोषित करना है. उन्होंने बताया कि डिपो संचालकों को फूड लाइसेंस के लिए दस हजार रुपये नवीनीकरण शुल्क अदा करना पड़ रहा है. जबकि वे तो सरकार के राशन का ही आवंटन करते हैं.

प्रदेश डिपो संचालक समिति ने राज्य स्तरीय सम्मेलन में मांगों को लेकर किया मंथन


गाड़ियों के किराये में वृद्धि की मांग

समिति ने सीएम से डिपो संचालकों को एफएसएसएआई के लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में खाद्यापूर्ति निगम के गोदामों से राशन लाने के लिए गाड़ियों के किराये में पिछले कई वर्षों से बढ़ोतरी नहीं हुई है. डिपो धारकों को कम किराया दिया जाता है, लेकिन उन्हें किराया अधिक देना पड़ता है. समिति ने गाड़ियों के किराये के साथ लेबर के पैसों में बढ़ोतरी करने की मांग की है.

ये भी पढ़ें - दिल्ली के वकीलों के समर्थन में उतरे मंडी-हमीरपुर के वकील, कामकाज किया ठप
Loading...

ये भी पढ़ें - हिमाचल: बर्फबारी के चलते मनाली-लेह हाईवे बंद, लाहौल घाटी का संपर्क टूटा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मंडी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 4, 2019, 6:43 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...