दिव्यांगजन संगठन ने किया खुलासा, राज्य में लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र से ली नौकरियां

हिमाचल प्रदेश में फर्जी दिव्यांग पत्र बनाकर नौकरियां हासिल करने का मामला उजागर हुआ है. इस बात का खुलासा स्वयं हिमाचल प्रदेश दिव्यांगजन संगठन के नेताओं ने किया है.

Nitesh Saini | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 12, 2019, 10:58 AM IST
दिव्यांगजन संगठन ने किया खुलासा, राज्य में लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र से ली नौकरियां
हिमाचल प्रदेश में फर्जी दिव्यांग पत्र बनाकर नौकरियां हासिल करने का मामला उजागर हुआ है. इस बात का खुलासा स्वयं हिमाचल प्रदेश दिव्यांगजन संगठन के नेताओं ने किया है.
Nitesh Saini
Nitesh Saini | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 12, 2019, 10:58 AM IST
हिमाचल प्रदेश में फर्जी दिव्यांग पत्र बनाकर नौकरियां हासिल करने का मामला उजागर हुआ है. इस बात का खुलासा स्वयं हिमाचल प्रदेश दिव्यांगजन संगठन के नेताओं ने किया है. संगठन ने इस संदर्भ में तत्काल प्रभाव से आगामी कार्यवाही अमल में लाने को लेकर सीएम को पत्र भी लिखा है. दिव्यांग संगठन के नेता कुशल कुमार सकलानी का कहना है कि प्रदेश में दिव्यांगता का फर्जी प्रमाण पत्र लेकर बहुत सारे लोगों ने इस प्रमाण पत्र के बलबूते पर नौकरी फर्जी तरीके से हासिल की है. उनका कहना है कि इन फर्जी तरीके से नौकरी पाए लोगों का नाम जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से लेकर सर्विस बुक तक में दिव्यांग श्रेणी को लेकर दर्ज नहीं हैं. उन्होंने सीएम को लिखे पत्र में यह मांग की है कि दिव्यांग श्रेणी के तहत नौकरी पाए लोगों की दोबारा चिकित्सा बोर्ड के माध्यम से वीडियोग्राफी करवा कर प्रमाण पत्र दिया जाए. इसससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

'अधिकारियों की मिलीजुली भगत से हो रहा है ये घपला'

Fake Certificate-फर्जी सर्टिफिकेट्स
दिव्यांग संगठन के नेता कुशल कुमार सकलानी का कहना है कि प्रदेश में दिव्यांगता का फर्जी प्रमाण पत्र लेकर बहुत सारे लोगों ने नौकरी फर्जी तरीके से हासिल की है.


सकलानी का कहना है कि इस मामले में भी अधिकारी द्वारा लाखों का घोटाला किए जाने की बात उजागर हो चुकी है. नौकरी करने से दिव्यांगों में से जो सही पात्र हैं, उन्हें लाभ मिलेगा और अपात्र लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकेगा.

सरकार द्वारा दिव्यांग प्रकोष्ठ बनाने के फैसले का स्वागत

letter to cm-सीएम को चिट्ठी लिखी
संगठन ने इस संदर्भ में तत्काल प्रभाव से आगामी कार्यवाही अमल में लाने को लेकर सीएम को पत्र भी लिखा है.


प्रदेशाध्यक्ष कुशल कुमार सकलानी का कहना है कि प्रदेश में जयराम सरकार ने जो आरपीडब्ल्यू एक्ट 2016 को लागू करने की घोषणा की दी है, उसमें शनिवार को मंत्रिमंडल की हुई बैठक में दिव्यांग प्रकोष्ठ बनाने के फैसले का दिव्यांगजनों ने जोरदार स्वागत किया है. सकलानी का कहना है कि 58 से 60 वर्ष की आयु सीमा सेवानिवृत्ति की करने के मामले को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो अपील दायर की है, उसका प्रदेश के किसी भी जाति और धर्म से यह मामला संबंधित नहीं है.
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'दिव्यांगों की रिटायरमेंट की उम्र 60 साल ही रहे'

सकलानी का कहना है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह अनुच्छेद 370 को समाप्त किया, उसी तरह से दिव्यांगों के हित में सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष की घोषणा तत्काल प्रभाव से 15 अगस्त के अवसर पर करके ऐतिहासिक पहल करें. सकलानी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से व्यक्तिगत तौर पर आग्रह किया है कि विभागीय अधिकारियों की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ करने का आग्रह किया है.

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First published: August 12, 2019, 10:40 AM IST
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