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NEET पास करने के बाद भी दिव्यांग को नहीं मिली MBBS सीट, मानव सेवा ट्रस्ट फ्री में लड़ेगा केस

Nitesh Saini | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 13, 2019, 12:26 PM IST
NEET पास करने के बाद भी दिव्यांग को नहीं मिली MBBS सीट, मानव सेवा ट्रस्ट फ्री में लड़ेगा केस
दिव्यांग रजत के नीट परीक्षा पास करने के बाद भी उसे एमबीबीएस में एडमिशन नहीं दिया गया. अब रजत इस मामले को कोर्ट में ले जाने के मूड में है.

मंडी जिले के रड़ू गांव के दिव्यांग रजत के नीट परीक्षा पास करने के बाद भी उसे एमबीबीएस में एडमिशन नहीं दिया गया. अब रजत इस मामले को कोर्ट में ले जाने के मूड में है.

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सुंदरनगर/मंडी. हिमाचल प्रदेश मंडी जिला के उपमंडल सुंदरनगर की डूगराई पंचायत के रड़ू गांव के रजत को नीट परीक्षा पास करने के बाद भी एमबीबीएस (MBBS) में एडमिशन नहीं मिलने का मलाल है. नीट पास दिव्यांग रजत (Rajat) के दोनों हाथ नहीं हैं, मगर उसके जज्बे को देखकर अब समाज के लोग व सामजिक संस्था रजत की मदद के लिए आगे आई है. सुंदरनगर के मानव सेवा ट्रस्ट को जब रजत के बारे में मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई तो ट्रस्ट के चेयरमैन प्रकाश चंद बंसल (Prakash Chandra Bansal) ने रजत को न्याय दिलाने के लिए मुफ्त में कानूनी सहायता (Legal Help) देने का निर्णय ले लिया.

मानव ट्रस्ट कर रहा है रजत की मदद

प्रकाश चंद बंसल पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया सहित अन्य खर्च के लिए भरोसा दिया. मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बाद रजत का परिवार काफी राहत महसूस कर रहा है. रजत के पिता जय सिंह ने कहा कि बुरे वक्त में उनका साथ मानव सेवा ट्रस्ट कर रहा यह उन के लिए बहुत बड़ी राहत है.

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मानव सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन प्रकाश चंद को जब रजत के बारे में पता चला तो ट्रस्ट ने मुफ्त में कानूनी सहायता देने का निर्णय ले लिया.


रजत मुंह से बनाई पेंटिंग लाना चाहते हैं दुनिया के सामने

उन्होंने कहा कि बेटों की परवरिश पर जो उन के पास था वह वे लगा चुके हैं. उम्मीद थी कि रजत द्वारा नीट परीक्षा पास करने के बाद उन की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी, मगर समय की उल्टी दिशा ने सब कुछ पलट कर रख दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया है, उस के बाद कुछ सामाजिक संगठन मदद के लिए आगे आये हैं. गौरतलब है कि रजत मुंह से बनाई गई अपनी कुछ पेंटिंग भी दुनिया के सामने लाना चाहते हैं.

रजत का केस हाईकोर्ट में दायर किया जाएगा
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मानव सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन प्रकाश चंद बंसल ने कहा कि उन्हें जब मीडिया के माध्यम से रजत के बारे में सूचना प्राप्त हुई तो उन्होंने तुरंत रजत के घर में उनके परिवार के साथ बातचीत की और न्याय के लिए उनका केस मुफ्त में लड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि यह मामला प्रदेश हाईकोर्ट में लड़ा जाएगा और रजत को न्याय दिलाया जाएगा.

ये है पूरा मामला

सुंदरनगर के तहत आने वाली डूगराई पंचायत के रड़ू गांव के निवासी जय राम के पुत्र रजत ने बचपन में करंट लगने के चलते अपनी दोनों बाजू खो दी थी लेकिन पढ़ने का शौक रखने वाले रजत ने आॅल इंडिया स्तर की नीट की परीक्षा पास की. इसे पास करने के बाद उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस डॉक्टर की सीट मिली. लेकिन नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने दिव्यांग रजत को साक्षत्कार के बाद मेडिकल में फिजिकल अनफिट का हवाला देकर रिजेक्ट कर दिया.

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First published: October 13, 2019, 12:13 PM IST
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