हर घर में है यहां टॉयलेट, अब सार्वजनिक टॉयलेट का लक्ष्य हासिल करने पर है जोर

मंडी जिला में अब सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर जोर दिया जा रहा है.

Virender Bhardwaj
Updated: April 17, 2018, 3:27 PM IST
हर घर में है यहां टॉयलेट, अब सार्वजनिक टॉयलेट का लक्ष्य हासिल करने पर है जोर
FILE PHOTO: पब्लिक टॉयलेट
Virender Bhardwaj
Updated: April 17, 2018, 3:27 PM IST
हिमाचल प्रदेश में मंडी जिला को वर्ष 2016 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण स्वच्छता पुरस्कार मिला था. मंडी जिला में अब सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए 90 प्रतिशत की राशि सरकार द्वारा मुहैया करवाई जा रही है. अभी तक जिला में 140 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है.

भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत मंडी जिला पूरे देश में एक नई मिसाल बनकर उभरा है. यह जिला वर्ष 2016 में ग्रामीण स्वच्छता में देश भर में अव्वल आंका गया था. वर्ष 2016 तक मंडी जिला में कोई घर ऐसा नहीं था जिसके पास अपना शौचालय नहीं हो. इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद अब जिला प्रशासन सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर जोर दे रहा है.

पूरे जिला के ग्रामीण इलाकों ने प्रशासन ने 281 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा था जिसमें से अभी तक 140 शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि बाकी शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इसमें खास बात यह है कि सरकार द्वारा सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए 90 प्रतिशत धनराशि मुहैया करवाई जा रही है.

मंडी जिला के डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अलावा जहां से भी सार्वजनिक शौचालय निर्माण की डिमांड आ रही है उसे भी जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि लक्ष्य से ज्यादा हासिल किया जा सके.

उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत मंडी जिला 5 वर्षों में 113 करोड़ की राशि क्लेम कर सकता है जबकि अभी तक 36 करोड़ की राशि क्लेम करके खर्च की जा चुकी है.

ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन पर भी जिला प्रशासन पूरा ध्यान दे रहा है. इसके तहत जिला की सभी 469 पंचायतों को कवर किया जाना है. अभी तक 212 पंचायतें कवर हो चुकी हैं जबकि 257 पंचायतों में यह कार्य जारी है.
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