हिमाचल के सोहन सिंह की भूटान में मौत और ईसाई रीति से दफनाने की सूचना से परिजन परेशान

पीड़ित परिवारवालों ने सवाल उठाया है कि सोहन सिंह के शव को उन्हें क्यों नहीं सौंपा गया. साथ ही बिना किसी सूचना के एक हिंदू को कैसे क्रिश्चियन धर्म के मुताबिक दफया जा सकता है.

Nitesh Saini | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 13, 2019, 11:51 AM IST
हिमाचल के सोहन सिंह की भूटान में मौत और ईसाई रीति से दफनाने की सूचना से परिजन परेशान
भूटान में हिमाचल के सोहन सिंह को क्रिश्चियन रीति-रिवाज से दफनाए जाने पर परिवार ने उठाया सवाल
Nitesh Saini
Nitesh Saini | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 13, 2019, 11:51 AM IST
सुंदरनगर के रहने वाले सोहन सिंह की भूटान में एक सड़क हादसे में मौत का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के मुताबिक सोहन के शव को परिजनों को न सौंप कर भूटान में ही क्रिश्चियन धर्म के मुताबिक दफना दिया गया है. ऐसे में पीड़ित परिवारवालों ने सवाल उठाया है कि सोहन सिंह के शव को उन्हें क्यों नहीं सौंपा गया. साथ ही बिना किसी सूचना के एक हिंदू को कैसे क्रिश्चियन धर्म के मुताबिक दफया जा सकता है.

लिहाजा, परिवार वालों का कहना है कि सोहन सिंह की दुर्घटना में मौत नहीं हुई बल्कि उसे मारा गया है. तभी सारे सबूत मिटाने के लिए शव को बिना किसी सूचना के दफना दिया गया.

इधर, मृतक सोहन सिंह के बड़े बेटे सौरभ ने बताया कि पहले किन्नौर में वर्ष 2008 में उसके पिता सोहन सिंह की जेपी सीमेंट कंपनी में बतौर ड्राइवर नियुक्ती हुई थी. इसके 3 साल बाद इसी कंपनी ने चालक के पद पर उसके पिता को भूटान ट्रांसफर कर दिया. इस तरह जेपी कंपनी के आदेश पर भूटान में वर्ष 2011 से 2017 तक उसके पिता चालक के रूप में कार्य करते रहे.



वहीं सितंबर 2017 में कंपनी से इस्तीफा देकर वे वापस अपने घर सुंदरनगर आ गए थे. मृतक के बेटे सौरभ ने बताया कि जब उसके पिता घर वापस आए, तब उस समय उनके साथ करीब 45 साल की एक महिला भी आई थी. पूछने पर सोहन सिंह ने बताया था कि महिला भूटान में उसके साथ काम करती है और हिमाचल प्रदेश घूमने आई है. इसके बाद 30 सितंबर 2017 को सोहन सिंह उस महिला को भूटान वापस छोड़ने चला गया, कहा कि महिला को भूटान में छोड़कर 1 हफ्ते में घर वापस आ जाएगा. हालांकि भूटान जाने के बाद 15 से 20 दिनों तक फोन पर संपर्क होता रहा और जल्दी घर वापस आने की बात भी कही, लेकिन उसके बाद अचानक से संपर्क होना बंद हो गया. पिता सोहन सिंह का मोबाइल फोन बंद आने लगा.

परिवार के सदस्यों द्वारा बार-बार कोशिश करने के बावजूद संपर्क नहीं हो सका. इसके बाद बीते 4 जनवरी 2019 को भूटान के नासिन खान ने मृतक के बेटे के फेसबुक पर सोहन सिंह के बारे में पूछा. इस पर सौरभ ने कहा कि सोहन सिंह उसके पिता हैं. इसके बाद उस व्यक्ति ने सौरभ का व्हाट्सएप नंबर मांगा. सौरभ के व्हाट्सएप नंबर देने के बाद उस व्यक्ति ने मैसेज किया कि आप हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पठानिया से बात कर ले. इस पर जब सौरभ ने पठानिया नामक व्यक्ति से फोन पर संपर्क किया, तो उसने बताया कि आपके पिता सोहन सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है.

सारी कार्रवाई करने के बाद उसे भूटान में ही क्रिश्चियन धर्म के अनुसार दफना दिया गया है. सोहन सिंह के पुत्र सौरव, शिवम और पत्नी लता देवी समेत सोहन सिंह के बड़े भाई भगत राम ने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष तक उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ था और अब इस तरह अचानक मौत की सूचना मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है.

परिवार वालों का कहना कि सोहन सिंह भूटान में जरूर किसी षड्यंत्र का शिकार हुए हैं. ऐसे में पीड़ित परिवार वालों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से सोहन सिंह के बारे में असली जानकारी दिलवाने की गुहार लगाई है. इतना ही नहीं शव को परिवार वालों के हवाले करने की मांग की है. ताकि हिंदू धर्म के मुताबिक सोहन सिंह का अंतिम संस्कार किया जा सके. पीड़ित परिवार ने डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर और एएसपी मंडी पुनीत रघु से भी मामले को लेकर मुलाकात की है.
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वहीं मामले में डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर और एएसपी मंडी पुनीत रघु ने बताया कि परिजनों के पास इस संदर्भ में पुख्ता दस्तावेज नहीं हैं. एक पोस्टमार्टम रिपोर्ट है जिस पर वेस्ट बंगाल के एक हॉस्पिटल का स्टांप लगा है, लेकिन अभी तक कुछ भी साफ नहीं हुआ है. इसलिए फिलहाल उसी आधार पर वेस्ट बंगाल की पुलिस के साथ संपर्क साधकर मामले की जानकारी मांगी गई है. वहां से जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा.

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