सर्वे के बाद जागा प्रशासन: मंडी में बनेगा सरकारी क्षेत्र का पहला ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर
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सर्वे के बाद जागा प्रशासन: मंडी में बनेगा सरकारी क्षेत्र का पहला ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर
हिमाचल का मंडी शहर.

Drugs De-addiction Center in Mandi: मंडी में सिर्फ एक ही नशा निवारण केंद्र चल रहा है, जोकि निजी है. यहां नशे के आदी लोगों को रखने पर फीस देनी पड़ती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 2:55 PM IST
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मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिला में सरकारी क्षेत्र का पहला नशा निवारण केंद्र जल्द ही शुरू हो जाएगा. केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मंडी जिला प्रशासन ने इसकी प्रपोजल बनाकर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेज दी है. इसकी जानकारी डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित बैठक (Meeting) के उपरांत दी. दरअसल, सबसे नशा (Drugs) प्रभावित जिलों में मंडी जिला भी शामिल है. केंद्र के सर्वे में मंडी सहित प्रदेश के चार जिले हैं. ऐसे में अब प्रशासन हरकत में आया है.

क्या बोले डीसी मंडी
बता दें कि मंडी जिला में सिर्फ एक ही नशा निवारण केंद्र चल रहा है, जोकि निजी क्षेत्र का है. यहां पर नशे के आदी लोगों को रखने की एवज में फीस देनी पड़ती है. लेकिन अब सरकारी क्षेत्र में नशा निवारण केंद्र बनने से यह सुविधा निशुल्क मिलेगी. डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिलते ही शुरूआती दौर में इसे किसी सरकारी भवन में अस्थायी रूप से शुरू कर दिया जाएगा, जबकि बाद में इसका अपना अलग से भवन बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के लिए नशा निवारण केंद्र का होना बेहद जरूरी है और यही कारण है कि प्रशासन ने यह प्रपोजल बनाकर केंद्र सरकार को भेजी है. इसका सारा संचालन जिला रैडक्रास सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा.

मंडी में मीटिंग के दौरान अफसर और डीसी.

नशे का प्रचलन काफी ज्यादा बढ़


बता दें कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार ने देश के 272 जिलों को चिन्हित किया है. जहां पर ड्रग्स सहित अन्य प्रकार के नशों का प्रचलन काफी ज्यादा बढ़ रहा है. इसमें हिमाचल प्रदेश के चार जिलों को शामिल किया गया है. इनमें मंडी, शिमला, कुल्लू और चंबा जिला शामिल हैं. इन सभी जिलों में नशा मुकत भारत अभियान बीती 15 अगस्त से शुरू कर दिया गया है, जो आने वाली 31 मार्च तक जारी रहेगा और इसके तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा.
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