RTI में खुलासाः हिमाचल को वेंटिलेटर ज्यादा और रेमेडेसिवेर कम मिली, 255 वेंटिलेटर को इंस्टालेशन का इंतजार

अस्पताल में  वेंटिलेटर को लगाने वाला कोई नहीं है. (फाइल फोटो)

अस्पताल में वेंटिलेटर को लगाने वाला कोई नहीं है. (फाइल फोटो)

Corona virus in Himachal: आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुजीत स्वामी का कहना है कि केंद्र से हिमाचल प्रदेश सरकार को अन्य राज्यों की तुलना मे कम दिए गए रेमेडेसिवेर इंजेक्शन की सप्लाई को बढ़ाने के लिए बात करनी चाहिए. वहीं अभी तक इनस्टॉल नहीं किये गए 255 वेंटिलेटर को जल्द से जल्द इनस्टॉल करने की कार्रवाई करनी चाहिए.

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मंडी. 70 लाख से अधिक की आबादी वाले हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से मात्र 11 हजार 500 रेमेडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्शन ही मिल पाए हैं, जबकि प्रदेश के लिए 24 हजार इंजेक्शन अलॉट किए गए हैं. वहीं वेंटिलेटर (Ventilator) की बात की जाए तो अभी तक केंद्र ने प्रदेश सरकार को 750 वेंटिलेटर दे दिए हैं, जिनमें से राज्य सरकार 495 ही इंस्टाल कर पाई है, जबकि 255 को इंस्टालेशन का इंतजार है. आरटीआई कार्यकर्ता सुजीत स्वामी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी के जबाव में यह डाटा उपलब्ध करवाया है.

सुजीत स्वामी को ईमेल के माध्यम से यह डाटा भेजा गया है, जिसमें 12 मई तक आंकड़े दिए जाने की बात कही गई है. हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य से संबंधित अन्य सामग्री भी काफी मात्रा में उपलब्ध करवाई है.

वेंटिलेटर में प्रदेश को रखा गया अग्रणी स्थान पर

प्रदेश के साथ आबादी के लिहाज से अन्य छोटे राज्यों की तुलना की जाए तो इसमें उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और गोवा जैसे राज्य आते हैं. हिमाचल को इन राज्यों के मुकाबले काफी कम संख्या मे रेमेडेसिवेर इंजेक्शन अलॉट किये गए हैं. जबकि पीपीई किट ओर एन 95 मास्क इन राज्यों की तुलना में ज्यादा दिए गए हैं. इसके आलावा वेंटिलेटर की बात करे तो इस मामले में केंद्र सरकार ने प्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में रखा. छत्तीसगढ़, बिहार, हरियाणा और केरल जैसे बड़े राज्यों से कहीं ज्यादा हिमाचल को दिल्ली और पंजाब के बराबर वेंटिलेटर दिए गए.
कुछ इस तरह के हैं आंकड़े

हिमाचल प्रदेश को 12 मई तक कुल 24000 रेमेडेसिवेर इन्जेशन अलॉट किये गए, जिसमें से मात्र 11504 इंजेक्शन ही प्रदेश को प्राप्त हुए, जबकि उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर एवं गोवा को क्रमशः 74000, 42000 एवं 26000 अलॉट किये गए, जिसमें से प्रत्येक को क्रमशः 42292, 26408 एवं 14735 इंजेक्शन प्राप्त हुए. हिमाचल प्रदेश को 5.5 लाख एन 95 मास्क दिए गए, जबकि उत्तराखंड, जम्मु कश्मीर एवं गोवा को क्रमशः 4.26 लाख, 13.64 लाख एवं 3.22 लाख मास्क दिए गए. पीपीई किट की बात करें तो हिमाचल प्रदेश को 2.82 लाख दी गई जबकि उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर एवं गोवा को क्रमशः 2.39 लाख, 6.54 लाख एवं 1.06 लाख पीपीई किट दी गई.

आरटीआई कार्यकर्ता सुजीत स्वामी



पूरे वेंटिलेटर नहीं हुए इंस्टाल

हिमाचल प्रदेश राज्य को 12 मई तक कुल 750 वेंटिलेटर अलॉट किये गए, जिसमें से पुरे 750 की ही डिलीवरी भी दे दी दी गयी, लेकिन राज्य में अब तक 495 वेंटीलेटर ही इनस्टॉल हो पाए, बाकी के 255 वेंटीलेटर को अभी तक इंस्टालेशन का इंतजार है. उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर एवं गोवा को क्रमशः 800, 908 और 250 वेंटिलेटर अलॉट किये गए, जिसमें से क्रमशः 700, 908 और 200 वेंटिलेटर ही डिलीवर इन राज्यों को हो पाए हैं ओर उनमे से भी 634, 892 और 200 वेंटिलेटर राज्यों में इनस्टॉल किये गए हैं. हालांकि, वेंटिलेटर प्राप्त करने में हिमाचल प्रदेश को दिल्ली 763, पंजाब 810 आदि के बराबर दिए हैं. वहीं छत्तीसगढ़ 265, बिहार 500, हरियाणा 423 आदि बड़े राज्यों से कहीं ज्यादा वेंटिलेटर प्राप्त हुए.

सप्लाई बढ़ाने की बात करे राज्य - स्वामी

आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुजीत स्वामी का कहना है कि केंद्र से हिमाचल प्रदेश सरकार को अन्य राज्यों की तुलना मे कम दिए गए रेमेडेसिवेर इंजेक्शन की सप्लाई को बढ़ाने के लिए बात करनी चाहिए. वहीं अभी तक इनस्टॉल नहीं किये गए 255 वेंटिलेटर को जल्द से जल्द इनस्टॉल करने की कार्रवाई करनी चाहिए.

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