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हिमाचल प्रदेश: मंडी शहर को जल्द मिल सकता है नगर निगम का दर्जा

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 7, 2019, 11:06 AM IST
हिमाचल प्रदेश: मंडी शहर को जल्द मिल सकता है नगर निगम का दर्जा
नगर परिषद मंडी को नगर निगम का दर्जा मिलने की संभावनाएं काफी प्रबल हो गई हैं.

मंडी (Mandi) को नगर निगम (Municipal Corporation Status) का दर्जा मिलने की संभावनाएं काफी प्रबल हो गई हैं. यह माना जा रहा है कि सरकार (Himachal government) जल्द ही इस संदर्भ में अधिसूचना जारी करके मंडी शहर को नगर निगम का दर्जा दे सकती है.

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मंडी. हिमाचल प्रदेश की सबसे पुरानी नगर परिषदों में शुमार नगर परिषद मंडी (Mandi City) को नगर निगम (Municipal Corporation) का दर्जा मिलने की संभावनाएं काफी प्रबल हो गई हैं. यह माना जा रहा है कि सरकार (Himachal Pradesh Government) जल्द ही इस संदर्भ में अधिसूचना जारी करके मंडी शहर को नगर निगम का दर्जा दे सकती है. छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर कोई नया शहर नहीं बल्कि रियासत काल का वो महत्वपूर्ण शहर है जो अपनी एक अलग पहचान रखता है. आजादी के बाद वर्ष 1948 में जब हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ तो उस वक्त से ही मंडी शहर के विकास के लिए नगर निकाय का प्रावधान रखा गया. कुछ वर्ष पूर्व तक पूरे प्रदेश में शिमला को छोड़कर कहीं और नगर निगम नहीं थी, लेकिन पूर्व शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने धर्मशाला को नगर निगम का दर्जा दिला दिया.

पालमपुर और सोलन को भी नगर निगम बनाने का हो चुका है फैसला

हाल ही में पालमपुर और सोलन शहरों को भी नगर निगम बनाने का निर्णय हो चुका है, लेकिन मंडी शहर इस मामले में अभी तक पिछड़ा हुआ है. लेकिन अब मंडी शहर के नगर निगम बनने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं. मौजूदा नगर परिषद से लेकर सांसद तक ने सीएम को प्रस्ताव भेजकर मंडी शहर को नगर निगम बनाने की मांग कर डाली है. इस बार प्रदेश की कमान भी मंडी के हाथों में है और ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर सकती है.

Mandi
2009 में पहली बार नगर परिषद मंडी को नगर निगम बनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया


मंडी नगर परिद की अध्यक्ष सीएम के समक्ष उठा चुकी हैं यह मुद्दा

अगले वर्ष नगर निकायों के चुनाव होने हैं और उससे पहले मंडी को नगर निगम का दर्जा दिलवाकर यहां नगर निगम के लिए ही चुनाव करवाने की पूरी तैयारी पर्दे के पीछे शुरू हो चुकी है. नगर परिषद मंडी की अध्यक्ष सुमन ठाकुर की मानें तो वह सीएम के समक्ष पहले भी इस मांग को रख चुके हैं और अब फिर से इस मांग को प्रमुखता से उठाएंगे. उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार नगर परिषद मंडी को नगर निगम का दर्जा जरूर देंगे.

2009 में मंडी को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव हुआ था पारितबता दें कि नगर निगम के लिए क्षेत्र और आबादी सबसे बड़ा क्राइटेरिया माना गया है. मंडी शहर के साथ लगते करीब एक दर्जन पंचायतों की आबादी को पंचायतों से तोड़ कर नगर निगम में शामिल किया जाएगा. वोट बैंक के चलते ग्रामीणों के विरोध के चलते अभी तक यह साहस नहीं जुटाया जा रहा था, लेकिन अब सरकार इस कड़वे घूंट को पीने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है. मंडी शहर में अभी 13 वार्ड हैं और यहां 30 हजार की आबादी रहती है. एक दर्जन पंचायतों के क्षेत्रों को जब नगर निगम में शामिल किया जाएगा तो यह आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने की संभावना है और इसी के दम पर शहर को नगर निगम बनाने की तरफ कदम आगे बढ़ाए जा रहे हैं. 2009 में पहली बार नगर परिषद मंडी को नगर निगम बनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन 10 वर्षों के बाद यह प्रस्ताव फलीभूत होता हुआ नजर आ रहा है.

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First published: December 7, 2019, 11:05 AM IST
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