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अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव : निर्माणाधीन संस्कृति सदन में की जाएगी देवी-देवताओं के ठहरने की व्यवस्था

महाशिवरात्रि के दौरान निर्माणाधीन संस्कृति सदन में बन रहे ऑडिटोरियम के ऊपर छत डालकर देवी-देवताओं के ठहरने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी.
महाशिवरात्रि के दौरान निर्माणाधीन संस्कृति सदन में बन रहे ऑडिटोरियम के ऊपर छत डालकर देवी-देवताओं के ठहरने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी.

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव (International Shivaratri Festival) 22 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा. महोत्सव में 215 पंजीकृत देवी-देवता (Deities) और उनके हजारों देवलु शिरकत करने यहां आते हैं, लेकिन इस बार सुकेत रियासत के देवी-देवताओं को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है. इस कारण इस बार महोत्सव में देवी-देवताओं और देवलुओं की संख्या में भारी इजाफा होने वाला है.

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मंडी. अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव (International Shivaratri Festival) से पहले देव समाज के लिए बनाए जा रहे संस्कृति सदन में बन रहे ऑडिटोरियम के ऊपर छत डालकर देवी-देवताओं (Deities) के ठहरने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी. अभी यहां 25 से 30 देवी-देवता और उनके साथ आए देवलुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी. लोक निर्माण विभाग (PWD) मंडी (Mandi) डिविजन नंबर 2 के अधिशाषी अभियंता केके शर्मा ने बताया कि संस्कृति सदन को पूरी तरह से बनाने में अभी और 2 वर्ष का समय लगेगा.

पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने रखी थी आधारशिला

शहर के कांगनीधार में 17 करोड़ 65 लाख की लागत से संस्कृति सदन का निर्माण करवाया जा रहा है. यह सदन कुल्लू में बने देव सदन की तर्ज पर बनाया जा रहा है. इसमें ऑडिटोरियम और अन्य प्रकार की सुविधाएं भी शामिल की गई हैं ताकि इसका वर्ष भर इस्तेमाल किया जा सके. फरवरी 2015 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने संस्कृति सदन की आधारशिला रखी थी, लेकिन 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है.



अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में 215 पंजीकृत देवी-देवता और उनके हजारों देवलु शिरकत करने यहां आते हैं. (File Photo)

22 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा शिवरात्रि महोत्सव

बता दें कि इस बार अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 22 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा. पिछले साल ही इस महोत्सव को अधिकारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्राप्त हुआ है. इस महोत्सव में 215 पंजीकृत देवी-देवता और उनके हजारों देवलु शिरकत करने यहां आते हैं, लेकिन इस बार सुकेत
रियासत के देवी-देवताओं को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है. इस कारण इस बार महोत्सव में देवी-देवताओं और देवलुओं की संख्या में भारी इजाफा होने वाला है. ऐसे में इन सभी के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था प्रशासन को ही करनी होगी. इसलिए प्रशासन ने निर्माणाधीन संस्कृति सदन में 25 से 30 देवी-देवताओं और उनके सैकड़ों देवलुओं के ठहरने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है.

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