मंडी हादसा : पति को पहले ही गंवा चुकी मां ने दो बेटियों और बेटे को भी खो दिया

Virender Bhardwaj | ETV Haryana/HP
Updated: August 14, 2017, 10:27 AM IST
मंडी हादसा : पति को पहले ही गंवा चुकी मां ने दो बेटियों और बेटे को भी खो दिया
बच्चों की चिंता में बदहवास मां.
Virender Bhardwaj | ETV Haryana/HP
Updated: August 14, 2017, 10:27 AM IST
हिमाचल प्रदेश के कोटरूपी सड़क हादसे में एक मां अपने जिगर के तीन टुकड़ों को तलाशने के लिए आई हुई है. मां अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांग रही है. अभी तक बच्चों का कोई पता नहीं चल सका है.

कुल्लू के रामशिला की माली देवी को क्या मालूम था कि कुल्लू के बस स्टैंड पर वह जिस बस का इंतजार कर रही है वह कभी नहीं आने वाली साबित होगी. माली देवी तीन वर्ष पहले एक सड़क हादसे में अपने पति को खो चुकी है और उनके जीने का सहारा उनकी दो बेटियां और एक बेटा ही था.

चंबा की रहने वाली माली देवी कुल्लू में एलआईसी में जॉब करके अपना और अपने परिवार का पेट पाल रही हैं. माली देवी की दो बेटियों मुस्कान और पलक तथा बेटा अरमान छुट्टियां मनाने चंबा अपने दादा-दादी के पास गए हुए थे. ये बच्चे अपनी चाची गीता के साथ चंबा से मनाली जा रही एचआरटीसी की बस में वापिस अपनी मां के पास आ रहे थे.

मां कुल्लू बस स्टैंड पर अपने बच्चों को रिसिव करने के लिए खड़ी हुई थी. जब बस नहीं आई तो पता किया कि कहीं बस मनाली तो नहीं चली गई. पता चला कि बस कोटरूपी के पास भूस्खलन की चपेट में आ गई है. इसके बाद तो मानों माली देवी के पैरों तले जमीन ही खिसक गई हो.

माली देवी अपने रिश्तेदारों के साथ कोटरूपी पहुंचकर अपने जिगर के टुकड़ों का इंतजार कर रही हैं.

माली देवी के सिर से पति का साया पहले ही उठ चुका है और अब बच्चों के भी बिछुड़ने के गम ने माली देवी को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है. इस हादसे में अभी तक माली देवी के बच्चों का पता नहीं चल सका है और उनकी तलाश जारी है.

इस हादसे ने माली देवी जैसे दर्जनों परिवारों को कभी न भूलने वाला गम दे गया है. प्रदेश में पहली बार हुए इतने भीषण भूस्खलन ने कई परिवारों को बिछोड़ दिया है.
First published: August 13, 2017
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