देखिए, इस मंत्री ने खुद उठाई कुदाली और बेलचा और जलस्रोतों की ऐसे की सफाई

हिमाचल प्रदेश के आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने शनिवार को खुद कुदाली और बेलचा उठाकर प्राकृतिक व दूसरे जल स्त्रोतों के सफाई अभियान की शुरूआत की.

Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 27, 2019, 4:51 PM IST
Virender Bhardwaj
Virender Bhardwaj | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 27, 2019, 4:51 PM IST
हिमाचल प्रदेश के आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने शनिवार को खुद कुदाली और बेलचा उठाकर प्राकृतिक व दूसरे जल स्त्रोतों के सफाई अभियान की शुरूआत की. उन्होंने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के कोट गांव के जल स्त्रोत की सफाई की. यहां उन्होंने प्राचीन खातरी के भीतर जाकर उसमें जमा गाद को कुदाली से खोदा और फिर बेलचे से तरकारी में भरकर बाहर निकाला. इसके बाद उन्होंने गांव की बावड़ी के पास जाकर उसमें ब्लीचिंग पाउडर डाला और उसके आस पास फैली गंदगी को साफ किया. मंत्री को खुद काम करता देख अधिकारी भी सूट-बूट की ठसक छोड़कर सफाई अभियान में जुट गए. वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य में अपना पूरा योगदान दिया.

मंत्री ने जल संग्रहण के काम में सभी से हाथ बंटाने की अपील की

Mahendra thakur-महेंद्र सिंह ठाकुर
महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संग्रहण पर काम करने का आह्वान किया है


महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संग्रहण पर काम करने का आह्वान किया है और उसी दिशा में हिमाचल प्रदेश में इस कार्य को शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के चंगर क्षेत्र में पहले के जमाने में जल संग्रहण के लिए खातरियां बनाई जाती थी जो आज उचित रख रखाव न होने के कारण मिटती जा रही हैं.

प्राचीन प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने की भी की अपील

उन्होंने कहा कि इन खातरियों का दोबारा से इस्तेमाल हो सके, इसके लिए इनकी सफाई का अभियान छेड़ा गया है. वहीं प्रदेश के जितने भी प्राकृतिक जल स्त्रोत हैं, उन सभी की सफाई करने का आदेश संबंधित विभाग और पंचायतों को दे दिया गया है. उन्होंने लोगों से भी इस कार्य में बढ़चढ़ कर अपना सहयोग देने की अपील की है.

हिमाचल जल संग्रहण के मामले में बनेगा सभी के लिए मिसाल
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महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जल संग्रहण के मामले में एक मिसाल बनकर उभरेगा. आज हिमाचल पड़ोसी राज्यों की प्यास भी बुझा रहा है और वहां के खेतों में हरियाली भी ला रहा है. महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के जितने भी नदी और नाले हैं, उनके संकरे स्थानों पर जल संग्रहण की योजना बनाई जा रही है और इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि वर्षा के जल को अधिक से अधिक मात्रा में संग्रहित किया जा सके.

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First published: July 27, 2019, 4:41 PM IST
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