कांग्रेस नेता आश्रय का दावा-इंदिरा गांधी और पंडित सुखराम के प्रयासों से बनी रोहतांग टनल

कांग्रेस नेता आश्रय शर्मा.
कांग्रेस नेता आश्रय शर्मा.

Atal Rohtang Tunner: आश्रय शर्मा का कहना है कि पंडित सुखराम ने संचार राज्य मंत्री रहते न सिर्फ देश और प्रदेश में बल्कि जनजातिय क्षेत्रों में भी संचार क्रांति लाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 4:49 PM IST
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मंडी. हिमाचल प्रदेश के मनाली (Manali) में 3 अक्तूबर को अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन होने जा रहा है. पूर्व की यूपीए सरकार में आधारशिला रखने के बाद मौजूदा की एनडीए सरकार में इस टनल का उदघाटन होने के कारण दोनों दलों में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है, लेकिन इसी बीच मंडी (Mandi) संसदीय सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे आश्रय शर्मा ने एक टनल (Tunnel) निर्माण का श्रेय अपने दादा यानी पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम को दे दिया है.

क्या बोले आश्रय
आश्रय शर्मा ने दावा किया है कि अटल टनल रोहतांग के निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमति इंदिरा गांधी, पूर्व मंत्री पंडित सुखराम और कांग्रेस पार्टी की सोच को जाता है. मंडी से जारी बयान में आश्रय शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा नेता अटल टनल के निर्माण का इस तरह से श्रेय लेने में जुटे हैं जैसे यह टनल भाजपा की सरकार ने ही बनाई हो. उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा और हिविकां के गठबंधन वाली सरकार थी, तो उस वक्त पंडित सुखराम ने मनाली में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलकर लाहुल स्पिति के लिए टनल निर्माण की मांग रखी थी.

पीएम से मिले थे सुखराम
प्रधानमंत्री ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल और पंडित सुखराम के साथ लाहुल जाकर इसकी आधारशिला भी रखी थी. पूर्व की यूपीए सरकार ने इस टनल के निर्माण कार्य को शुरू करवाया और धन भी मुहैया करवाया, लेकिन आज न तो कहीं पंडित सुखराम का जिक्र किया जा रहा है और न ही कांग्रेस पार्टी का. भाजपा नेता इसका झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो बातें वह कह रहे हैं, लोग इसकी जानकारी आरटीआई के माध्यम से भी ले सकते हैं.



सुखराम ने संचार क्रांति में अहम भूमिका निभाई
आश्रय शर्मा का कहना है कि पंडित सुखराम ने संचार राज्य मंत्री रहते न सिर्फ देश और प्रदेश में बल्कि जनजातिय क्षेत्रों में भी संचार क्रांति लाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय सीट से बतौर सांसद उनका जनजातिय क्षेत्रों के प्रति विशेष लगाव रहा. आज भाजपा इस टनल का श्रेय लेने की होड़ में है और पंडित सुखराम का कोई जिक्र तक नहीं कर रहा, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है.
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