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    सियासत की मंडी: दीपक और चंपा बोले-सुखराम परिवार दलबदलू, सदर से हम हैं कांग्रेस टिकट के दावेदार

    मंडी में दीपक और चंपा ठाकुर.
    मंडी में दीपक और चंपा ठाकुर.

    Mandi Politics: अनिल शर्मा ने पत्रकार वार्ता करके कांग्रेस में जाने के संकेत दिए थे और उसके बाद उनके बेटे आश्रय शर्मा ने भी पत्रकार वार्ता करके यही संकेत दिए थे. इसके बाद सदर में कांग्रेस की राजनीति में अभी से ही गर्माहट देखने को मिल रही है.

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    मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी (Mandi) जिले में सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा और उनके बेटे कांग्रेस नेता आश्रय शर्मा के मीडिया में दिए गए बयानों के बाद मंडी की राजनीति (Mandi Politics) अभी से गर्माने लग गई है. सदर से कांग्रेस (Congress) के टिकट की आस लगाए बैठे नेता अब अनिल शर्मा (Anil Sharma) और आश्रय शर्मा के खिलाफ खुलकर सामने आने लग गए हैं.

    कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा और पूर्व में सदर से कांग्रेस की प्रत्याशी रही चंपा ठाकुर (Champa Thakur) ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता का आयोजन करके अभी से ही सदर से कांग्रेस के टिकट पर अपनी दावेदारी जता दी.

    क्या बोले दीपक शर्मा
    दीपक शर्मा ने कहा कि अनिल शर्मा और उनका पूरा परिवार दलबदल की राजनीति करता है और ऐसे नेताओं को अब कांग्रेस पार्टी में कोई टिकट नहीं दिया जाना चाहिए, उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि सदर में ’’अब विरासत तय नहीं करेगी सियासत के फैसले, उड़ान तय करेगी कि आकाश किसका है.’’ यदि सदर में परिवार विशेष को ही तरजीह दी जाती रही तो यहां पर भी राम स्वरूप शर्मा की तरह कोई भाग्यशाली मौका मार जाएगा. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर सदर से उन्हें यानी दीपक शर्मा या चंपा ठाकुर को टिकट मिलता है तो ही कांग्रेस पार्टी इस सीट को जीत पाएगी.
    चंपा ने भी दिखाए तेवर


    पूर्व में सदर से कांग्रेस की प्रत्याशी रही पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर ने भी अनिल और आश्रय शर्मा पर जुबानी हमले बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में इस परिवार ने इनसे समर्थन मांगकर विधानसभा में समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन आज यह विधानसभा पर ही अपने ही परिवार को आगे करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि अनिल शर्मा ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि राजनीति में उनकी कोई रुचि नहीं है. यदि ऐसा है तो फिर इस्तीफा क्यों नहीं देते और सदर की जनता के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा हैं. उन्होंने भाजपा की जनसभा में हुए अनिल शर्मा के अपमान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर अपमान हुआ था तो उसका जबाव देने का दम भी होना चाहिए था.

    आश्रय शर्मा ने क्या कहा था
    कुछ दिन पहले अनिल शर्मा ने पत्रकार वार्ता करके कांग्रेस में जाने के संकेत दिए थे और उसके बाद उनके बेटे आश्रय शर्मा ने भी पत्रकार वार्ता करके यही संकेत दिए थे. इसके बाद सदर में कांग्रेस की राजनीति में अभी से ही गर्माहट देखने को मिल रही है. आश्रय ने कहा था कि उनके पिता सदर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं.
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